बदायूं, संवाददाता।
अवैध और अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर अस्पतालों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। वहीं, सहसवान में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शौर्य अरोड़ा के नेतृत्व में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन अस्पतालों को सील किया। इधर, दहगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कई अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की गई। विभिन्न क्षेत्रों में छह चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई है।
अस्पतालों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी विकास शर्मा ने बताया कि जिले में अस्पतालों के पंजीकरण और निर्धारित नियमों के अनुपालन की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें मोहन झा, पवन जायसी और नवनीत कुमार को शामिल किया गया है। टीम को अस्पतालों की जांच करने, पंजीकरण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और अनियमितताएं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। सीएमओ के अनुसार, अस्पतालों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।
सहसवान में संयुक्त टीम ने तीन अस्पताल किए सील
सहसवान क्षेत्र में गुरुवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शौर्य अरोड़ा के नेतृत्व में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम में सहसवान के चिकित्सा प्रभारी डॉ प्रशांत त्यागी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान मुन्नालाल हलवाई के सामने संचालित स्टार हेल्थ केयर सेंटर, भारत हेल्थ केयर और बालाजी हेल्थ केयर सेंटर की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान तीनों अस्पतालों को सील कर दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सीलिंग के विस्तृत कारणों और जांच में मिली कमियों का स्पष्ट विवरण नहीं है। संबंधित अस्पताल संचालकों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
दहगवां क्षेत्र में भी कार्रवाई, कई केंद्रों पर नोटिस
दहगवां सीएचसी क्षेत्र में एसडीएम के आदेश पर सीएचसी प्रभारी डॉ पीयूष यादव व डॉ हरि निवास यादव ने उस्मानपुर स्थित नीशू क्लीनिक, डॉ दिनेश क्लीनिक, ओम हेल्थ केयर सेंटर को सील कर कार्रवाई की है।
उस्मानपुर के डॉ जितेंद्र क्लीनिक में कमियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया, जबकि कोठा स्थित विश्वास क्लीनिक बंद मिलने पर वहां नोटिस चस्पा किया गया। इन केंद्रों के खिलाफ सीलिंग, नोटिस और निरीक्षण सहित अलग-अलग कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में अस्पतालों के पंजीकरण और नियमों के अनुपालन की जांच जारी रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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