नया बदायूं। ब्यूरो कार्यालय
बिना आवेदन किए ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन जारी दिखाने और बाद में फर्जी बिजली बिल भेजकर वसूली का प्रयास करने के गंभीर आरोप में न्यायालय के आदेश पर विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रहमा निवासी मेहंदी हसन ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 15 जुलाई 2023 को उनके मोबाइल पर बिजली विभाग की ओर से 8007 रुपये के बिल का संदेश प्राप्त हुआ। जब उन्होंने इसकी जानकारी की तो पता चला कि उनके नाम से 15 नवंबर 2022 को ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन जारी दर्शाया गया है।
बिना कनेक्शन मीटर
वादी का कहना है कि उन्होंने इस कनेक्शन के लिए कभी आवेदन नहीं किया और न ही कोई दस्तावेज दिए। उनके ट्यूबवेल पर न तो बिजली कनेक्शन है और न ही कोई मीटर लगा है, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में मीटर स्थापित दिखाकर नियमित रीडिंग लेने का उल्लेख किया गया है।
फर्जी आरसी जारी
आरोप है कि शिकायत करने पर विभागीय कर्मचारियों ने फर्जी आरसी जारी कर वसूली कराने और बिजली चोरी के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय आदेश पर मुकदमा
न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा, एसडीओ विक्रम सैनी, जेई सतीश कुमार और एक अज्ञात मीटर रीडर के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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