नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के पदाधिकारियों ने विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में भ्रमण कर शिक्षकों से संपर्क किया। भ्रमण कार्यक्रम के तहत नगर पालिका इंटर कॉलेज ककराला, नेहरु इंटर कॉलेज अलापुर, विज्ञानानंद इंटर कॉलेज बदायूं, नव युवक इंटर कॉलेज बदायूं का भ्रमण कर शिक्षकों से संपर्क कर समस्याओं को जाना। भ्रमण के दौरान टीम में जिलाध्यक्ष मुन्नालाल शाक्य, जिला मंत्री अनिल पंवार व अटेवा जिला प्रभारी अनिल कुमार यादव रहे।
संघर्ष को एकजुट हों
सोमवार को भ्रमण के दौरान जिलाध्यक्ष मुन्नालाल शाक्य ने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट का उद्देश्य शिक्षकों को एकजुट कर संघर्ष करना है। वर्तमान माध्यमिक शिक्षक कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनका जमकर आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। संघर्ष के बल पर जो हासिल किया वो धीरे-धीरे खोता जा रहा है। यहां तक कि उनकी सेवा सुरक्षा खतरे में पड चुकी है। एकजुट का प्रयास है कि सभी माध्यमिक शिक्षकों को एकजुट कर हक और हकूक के लिए संघर्ष किया जाये।
धारा 12, 18 व 21 की बहाली होगी
जिला मंत्री अनिल पंवार ने कहा कि बदायूं जनपद में एक जनवरी 2017 से माध्यमिक शिक्षकों के वेतन से हर माह एनपीएस के नाम पर पैसा काटा जा रहा था लेकिन यह पैसा एनपीएस खातों में नहीं जा रहा था। एकजुट के प्रयास से एनपीएस खातों का अपडेशन हुआ है और प्रक्रिया लगातार जारी है। सेवा सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट ने दो बार लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सेवा सुरक्षा की धारा 21 को बहाल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा और प्रमुख सचिव माध्यमिक से एकजुट के प्रतिनिधिमंडल की कई दौर की वार्ता हो चुकी है। जिसका परिणाम सकारात्मक रहेगा व धारा 12, 18 व 21 की बहाली होगी। उन्होंने कहा कि एकजुट ने शासन से वार्ता के दौरान यही मांग रखी की सेवा सुरक्षा की बहाली हो और राजकीयकरण हो।
ग्रीष्मकालीन छुट्टियों पर प्रशासन की नजर
अटेवा जिला प्रभारी अनिल कुमार यादव ने कहा कि माध्यमिक शिक्षकों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों पर शासन व प्रशासन की बुरी नजर पड़ रही है। पहले जनगणना में ड्यूटी इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी तथा मुख्यालय न छोड़ने का तुगलकी फरमान ऐसी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का क्या फायदा है। वर्ष भर शिक्षक साथी आस लगाए बैठे रहते हैं कि हमें अपनों के बीच रहने का कुछ समय मिलेगा जिस पर शासन-प्रशासन ने छुट्टियां आने से पहले पानी फेर दिया है। यदि माध्यमिक शिक्षकों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान काम लेना है तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के स्थान पर 30 दिन की ईएल दी जाये जिन्हे वो पूरे सत्र में अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल करें।
