नया बदायूं

बदायूं : एमएफ हाइवे पर नवादा में रेता-बजरी का कारोबार बना जानलेवा, सवारियों से भरा टेंपो पलटा

नया बदायूं, संवाददाता।

मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बदायूं शहर में प्रवेश के दौरान सड़क किनारे फैले अतिक्रमण और रेता-बजरी के कारोबार ने वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। हाईवे के दोनों ओर रेता-बजरी का कारोबार होने के कारण बड़ी मात्रा में सामग्री सड़क के किनारे और कई जगह सड़क तक फैली हुई है। इसके अलावा जलभराव और लगातार मिट्टी कटने के कारण हाईवे में कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे इन्हीं गड्ढों के कारण नवादा क्षेत्र में एमआरएफ टायर एजेंसी के पास एक ऑटो पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ और बड़ा हादसा होने से टल गया।
हादसे के बाद आसपास के दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। ऑटो के पलटने से उसमें सवार लोगों को हल्की-फुल्की चोटें आने की बात सामने आई, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति संभाली गई और बाद में क्रेन की सहायता से पलटे हुए ऑटो को सीधा कराया गया।
सड़क किनारे फैला रेता-बजरी का कारोबार बना मुसीबत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर बदायूं शहर में प्रवेश करते ही दोनों ओर रेता-बजरी का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। कारोबारियों द्वारा सड़क किनारे बड़ी मात्रा में रेता-बजरी डाल दी जाती है। वाहनों की आवाजाही और बारिश के दौरान यही सामग्री सड़क पर फैल जाती है। इससे सड़क की चौड़ाई भी प्रभावित होती है और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है।
लोगों का आरोप है कि रेता-बजरी के कारोबार के दौरान आसपास जलभराव भी हो जाता है। पानी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण हाईवे में गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर इनकी गहराई दो से तीन फीट तक पहुंच गई है। दिन में तो वाहन चालक किसी तरह इनसे बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय और बारिश के दौरान यह गड्ढे दिखाई नहीं देते।
हादसे के बाद फिर उठे सवाल
शुक्रवार को ऑटो पलटने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह के गहरे गड्ढे लंबे समय से बने हुए हैं, इसके बावजूद उन्हें भरने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढों को बंद नहीं कराया गया तो किसी दिन तेज रफ्तार वाहन इनके कारण दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। खासकर रात में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है।
केवल गड्ढे भरने से नहीं होगा समाधान
स्थानीय लोगों के मुताबिक समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब हाईवे किनारे सड़क तक फैलाए गए रेता-बजरी के कारोबार को व्यवस्थित कराया जाए और अतिक्रमण हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि गड्ढे भर भी दिए जाते हैं और सड़क किनारे दोबारा रेता-बजरी डाल दी जाती है तो कुछ समय बाद जलभराव और मिट्टी कटने से फिर वही स्थिति पैदा हो जाएगी।
लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर हाईवे किनारे बने सभी गड्ढों को तत्काल बंद कराएं। साथ ही सड़क तक फैले रेता-बजरी के कारोबार को हटवाकर हाईवे की पटरी को खाली कराया जाए, ताकि वाहनों को पर्याप्त जगह मिल सके।
कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है हादसों का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को इस मामले में केवल हादसे के बाद मौके पर पहुंचने के बजाय पहले से कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय कारोबारियों को सड़क किनारे रेता-बजरी फैलाने से रोकने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी जरूरी है।
लोगों ने कहा कि जब तक सड़क किनारे रेता-बजरी डालने और अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हाईवे की स्थिति में स्थायी सुधार संभव नहीं है। शुक्रवार को हुआ ऑटो हादसा भी इसी लापरवाही का एक उदाहरण है। गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि जिम्मेदार विभाग अब भी नहीं चेते तो भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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