नया बदायूं, संवाददाता।
वन्य जीव संरक्षण विभाग और पुलिस सिर्फ नाम के लिए हैं। क्या पशु और पक्षियों की जान की रक्षा और सुरक्षा का प्रावधान खत्म हो चुका है। पालतू पक्षियों को भी संरक्षित नहीं रखा जा रहा है। महिला के पालतू कबूतरों को कुछ लोगों ने बेरहमी से मार दिया। महिला पुलिस के पास पहुंची लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई है।
मामला बदायूं जनपद के थाना सहसवान क्षेत्र के ग्राम परसौना का है। गांव परसौना में महिला अंबरवती पत्नी मोरपाल के पड़ोसियों ने उसके पालतू कबूतरों को बेरहमी से मार दिया, महिला थाने में शिकायत लेकर गई। जिस पर थाना पुलिस ने बिना कार्रवाई के ही उसे कबूतरों के साथ वापस भेज दिया, थाना पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रिया की लापरवाही साफ नजर आ रही है, जहां कबूतरों का पोस्टमार्टम होना चाहिए वहां उन्हें देखा तक नहीं गया। ये घटना पुलिस का अमनवीय चेहरा दर्शाती है। अगर इस तरह पुलिस मनमानी और लापरवाही करती रहे तो जानवरों और पक्षियों की हत्याएं होती रहेंगी। आखिर वन्य जीवों एनं पक्षियों की जान कैसे बच पायेगी यह सबसे बड़ा सवाल है। पुलिस की इस लापरवाही को लेकर सभी लोग सवाल कर रहे हैं और चर्चा का विषय बना हुआ है।
चौथी बार मार दिये कबूतर
सहसवान के परसौना गांव में अंबरबती के कबूतरों को मार दिया गया है। इस बार करीब एक दर्जन कबूतरों को मार दिया है। महिला का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं मारा है चौथी बार कबूतरों को मारा है। इससे पहले भी तीन बार कबूतरों को मारा जा चुका है। मगर पुलिस ने एक बार भी कार्रवाई नहीं की है।

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