नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ने जा रहा है जिसका श्रेय केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा को मिल रहा है। आजादी से अब तक इतिहास में पहली बार बदायूं जनपद को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए ट्रेन कनेक्टिविटी मिल गई है। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा के प्रयास के बाद यह सुविधा मिली है और इसके संचालन को लेकर रेल मंत्रालय भारत सरकार की ओर से समय सारणी भी जारी कर दी गई है। अब वह दिन दूर नहीं जिस दिन बदायूं से लखनऊ के ऐसबाग के लिए ट्रेन रवाना होगी।
बदायूं वासियों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। जनपद को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ने के लिए सीधी ट्रेन सेवा का संचालन शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा की पहल पर उझानी रेलवे स्टेशन से ऐशबाग (लखनऊ) के लिए ट्रेन का संचालन रविवार से शुरू होगा। बदायूं के विकास में यह कदम एक बड़ा कदम और मील का पत्थर साबित होगा। जिससे जनपद का विकास होगा युवाओं को रोजगार मिलेगा और उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
26 जुलाई को हरी झंडी
इस नई ट्रेन सेवा का शुभारंभ 26 जुलाई को किया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा उझानी रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस पहल से बदायूं सहित आसपास के जिलों के लोगों को राजधानी तक सीधी और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह ट्रेन कासगंज से चलकर उझानी, बदायूं, बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत, मैलानी और सीतापुर होते हुए ऐशबाग (लखनऊ) पहुंचेगी। इससे कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
समय सारणी (टाइम टेबल)
कासगंज से प्रस्थान: सुबह 04:20 बजे
बदायूं आगमन: सुबह 05:20 बजे (5 मिनट का ठहराव)
बरेली: 06:13 बजे
इज्जतनगर: 06:35 बजे
पीलीभीत: 07:35 बजे
मैलानी: 09:25 बजे
सीतापुर: 10:50 बजे
ऐशबाग (लखनऊ) आगमन: दोपहर 01:00 बजे
यानी बदायूं से लखनऊ (ऐशबाग) तक यात्रा लगभग 7 घंटे 30 मिनट में पूरी होगी।
वापसी समय
ऐशबाग से प्रस्थान: दोपहर 02:00 बजे
सीतापुर: 03:18 बजे
मैलानी: 05:15 बजे
पीलीभीत: 06:40 बजे
इज्जतनगर: 07:33 बजे
बरेली: 08:08 बजे
बदायूं: 09:05 बजे
कासगंज: 10:40 बजे
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से बदायूं के लोगों को अब लखनऊ जाने के लिए सीधे ट्रेन की सुविधा मिल जाएगी। अभी तक सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।
