बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में लगातार भाजपा को झटका लग रहा है और समाजवादी पार्टी मजबूत हो रही है। पिछले महीने भर से भाजपा में भगदड़ जैसी स्थिति है और समाजवादी पार्टी लगातार गदगद हो रही है। जिले में भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का सिलसिला चर्चा में है। अब भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह ने सपा का दामन थाम लिया है। रवि प्रताप सिंह छत्रिय समाज के बरेली मंडल के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके सपा में शामिल होने को भाजपा के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले करीब एक महीने से बदायूं और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा से जुड़े कई नेताओं के सपा में जाने की चर्चा है। सबसे पहले म्याऊं ब्लॉक के ब्लॉक प्रतिनिधि केसी शाक्य समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इसके बाद पिछले दिनों आंवला से सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी प्रीति कश्यप के साथ सपा में शामिल हो गए।
वहीं, बीते दिनों एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य समाजवादी पार्टी के सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठे नजर आए। अब रवि प्रताप सिंह के भाजपा छोड़कर सपा में जाने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
रवि प्रताप सिंह पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने सपा से टिकट पाने के लिए प्रयास किया था। उनके पार्टी में शामिल होने के बाद बिल्सी विधानसभा सीट को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम को भाजपा के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि लगातार नए नेताओं के शामिल होने से समाजवादी पार्टी के खेमे में उत्साह है। हालांकि, इन घटनाक्रमों का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
