नया बदायूं

बालश्रम : व्यापारी वर्ग बच्चों से बालश्रम ना कराकर करेगा गरीबों की मदद

नया बदायूं, संवाददाता।

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम विभाग जनपद बदायूं द्वारा आयोजित समारोह में कलक्ट्रेट सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रम उपायुक्त श्वेता गर्ग तथा अधिकारी एव व्यापारीगण उपस्थित रहे। समारोहों में राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन जनपद बदायूं के जिला अध्यक्ष जितेंद्र महाजन ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उस देश के बच्चों के कंधों पर टिका होता है, यदि उन मासूम कंधों पर बस्ते के बजाय काम का बोल डाल दिया जाए, तो ना केवल उस बच्चे का बचपन छिनजाता है, बल्कि हमारे राष्ट्र का भविष्य भी धुंधला हो जाता है।

शुक्रवार को व्यापारी नेता जितेंद्र महाजन ने गोष्ठी के दौरान कहा कि मैं आज व्यापार संगठन के प्रतिनिधि के रूप में यहां खड़ा हूं और मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कहना चाहता हूं कि व्यापार का विकास मासूमों के शोषण पर नहीं, बल्कि देश के मजबूत भविष्य पर टिकी होना चाहिए। हमारा संगठन और बदायूं का पूरा व्यापारी समाज बाल श्रम के पूरी तरह खिलाफ है, हम मानते हैं कि बच्चों के हाथों में औजार या बर्तन नहीं, बल्कि किताब और कलम होनी चाहिए। दुकानों और कारखाने में बाल श्रम को बढ़ावा देना एक कानूनी अपराध और सामाजिक अभिशाप है। हमें केवल कानून के डर से नहीं बल्कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझ कर बाल श्रम को रोकना होगा। जितेंद्र महाजन ने कहा कि मैं आज इस मंच से सभी व्यापारी गणों से यह अपील करता हूं कि वह अपनी दुकानों, प्रतिष्ठानों और उद्योगों में किसी भी बच्चे को काम पर ना रखें, यदि कोई बच्चा आर्थिक तंगी के कारण भटका हुआ है तो हमें उसकी शिक्षा और पुनर्वास में श्रम विभाग का सहयोग करना चाहिए।  मैं यह विश्वास दिलाता हूं कि राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन जनपद बदायूं बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने के प्रशासन के हर अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।

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