नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश के जनपद अंबेडकर नगर में वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक डीपीएम कमलेश शर्मा के खिलाफ बदायूं सिविल लाइंस थाना में तहरीर दी गई है। जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है। डीपीएम कमलेश शर्मा पर एक कंपनी के संचालक ने गाड़ी गायब करने का आरोप लगाया है। पुलिस के पास नहीं पहुंचने के बाद स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मचा हुआ है।
गुरुवार को जनपद बदायूं में सरकारी कार्य के लिए अनुबंध पर ली गई एक वाहन को विभागीय अधिकारी द्वारा ट्रांसफर के बाद भी अपने पास रखने का मामला सामने आया है। आरोप है कि न तो वाहन वापस किया गया और न ही पिछले नौ महीनों से उसका भुगतान किया गया, जिससे वाहन स्वामी आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहा है।
2020 में गाड़ी हुई अनुबंध
मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है। आवास विकास निवासी प्रताप सिंह की गाड़ी वर्ष 2020 से विभाग में अनुबंध के तहत संचालित थी। उस समय जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कमलेश कुमार शर्मा इसके प्रभारी थे। सितंबर 2024 तक सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा।
10 फरवरी को हुआ तबादला
प्रताप सिंह के अनुसार, अक्टूबर 2024 से अचानक लॉगबुक मिलनी बंद हो गई, जिसके कारण भुगतान भी रुक गया। इसी बीच 10 फरवरी 2026 को कमलेश कुमार शर्मा का तबादला आंबेडकरनगर हो गया, लेकिन वह गाड़ी को अपने साथ ले गए। पीड़ित का आरोप है कि कई बार फोन और संदेश करने के बावजूद उन्हें टाल दिया जाता है या फोन नहीं उठाया जाता।
वाहन स्वामी परेशान
वाहन स्वामी का कहना है कि गाड़ी उसके पास न होने के बावजूद उसे हर महीने टैक्स, बीमा और चालान से संबंधित नोटिस मिल रहे हैं। इससे वह आर्थिक रूप से परेशान होने के साथ-साथ मानसिक दबाव भी झेल रहा है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में पहले भी विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः परेशान होकर उसने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर गाड़ी वापस दिलाने, अक्टूबर 2024 से लंबित भुगतान कराने और इस अवधि के सभी देय/चालान की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी पर तय करने की मांग की है। साथ ही, यदि वाहन जानबूझकर रोका गया है तो प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
