नया बदायूं

बदायूं सिटी मॉल के नाइट क्लब में अश्लीलता का आरोप, जांच की मांग तेज

नया बदायूं, संवाददाता।

जनपद बदायूं के सिटी मॉल में संचालित नाइट क्लब को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद शहर के सामाजिक संगठनों और नागरिकों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। वीडियो में कथित रूप से अर्धनग्न महिलाओं द्वारा नृत्य, खुलेआम शराब परोसने और भारतीय मुद्रा के नोट उड़ाए जाने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जिसे लेकर इसे शहर की सांस्कृतिक छवि पर आघात बताया जा रहा है।

युवा मंच संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं, बल्कि इससे युवाओं और नाबालिगों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। संगठन द्वारा उठाए गए प्रमुख सवालों में यह शामिल है कि क्या संबंधित बार के पास सभी आवश्यक वैध लाइसेंस मौजूद हैं या नहीं। इसमें आबकारी विभाग का बार लाइसेंस, मनोरंजन विभाग की अनुमति, टिकट बिक्री की स्वीकृति, एफएसएसएआई लाइसेंस (यदि भोजन परोसा जा रहा है), दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान पंजीकरण, नगर निकाय का ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की एनओसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति शामिल हैं। इसके साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों और उनके प्रचार-प्रसार की अनुमति दी गई है। यदि नहीं, तो इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

अश्लीलता का दुष्प्रचार निंदनीय
युवा मंच संगठन के संस्थापक ध्रुव देव गुप्ता ने कहा कि बार खोलना गलत नहीं है, लेकिन अश्लीलता फैलाकर उसका प्रचार करना पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इससे बदायूं की छवि खराब हो रही है और समाज पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है।

बदायूं में कड़ा विरोध
इस मुद्दे पर शहर के कई समाजसेवियों, व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों ने भी बैठक कर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बार को तत्काल सीज करने की भी मांग उठाई गई है।

कार्रवाई नहीं तो होगा आंदोलन
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह बरेली मंडल के उच्च अधिकारियों से शिकायत करेगा और आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

Exit mobile version