नया बदायूं, संवाददता।
शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एवं भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘Mental Health Management Through Blissful Living’ कार्यक्रम का बुधवार को आर्ट एंड कल्चर ऑडिटोरियम (डायट ऑडिटोरियम) में समापन हुआ। कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी एवं हायर एजुकेशन के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
आचार्य राजन मेंदीरत्ता, आचार्य सुभाष एवं मां किरन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव, चिंता, क्रोध और नकारात्मक विचारों से मुक्त होकर सकारात्मक एवं आनंदपूर्ण जीवन जीने के लिए जागरूक करना रहा। पहले दिन मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और ध्यान के व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए।
दूसरे दिन विद्यार्थियों को ‘संकल्प का विज्ञान’ और ‘ध्यान का विज्ञान’ समझाया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने अपने जीवन के सफलता और असफलता से जुड़े अनुभव साझा किए। इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझा कि सोच, आदतों, निर्णयों और मानसिक दृष्टिकोण का जीवन की दिशा पर किस तरह प्रभाव पड़ता है।
भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान की ओर से आचार्य दर्शन, आचार्य कुलदीप एवं आचार्य गगन ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। ध्यान एवं ज्ञान आधारित गतिविधियों के माध्यम से मन को समझने और भावनाओं के प्रति सजग रहने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। समापन पर आचार्य दर्शन, आचार्य कुलदीप एवं आचार्य गगन को शाल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वयं को समझने और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा मिली। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ‘निर्णायक मोड़’ बताया। आयोजकों ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है, जितना उनकी शैक्षिक सफलता पर ध्यान देना।
