नया बदायूं, संवाददाता।
केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के हर जनपद में हवाई हमला को लेकर ब्लाक आउट संग रिहर्सल कराया है। हर जनपद में जनपद में कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं आकस्मिक परिस्थितियों व सुरक्षा प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत ब्लैक आउट कर मॉकड्रिल किया गया। जिसमें लोगों को संदेश दिया गया कि अगर कभी हवाई हमला होता है या फिर आपातकाल स्थिति आती है तो घबरायें नहीं और हिम्मत दिखाते हुए कैसे खुद और परिवार के साध समाज को बचाया जा सकता है। इसके लिए मॉकड्रिल की गई। जिसमें घटना से लेकर उपचार और प्रशासन के तंत्र की तत्परता को देखा गया। जिससे आसपास इलाके में हड़कंप भी रहा है।

बदायूं जनपद में जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को हवाई हमला को लेकर मॉकड्रिल कराया गया। बदायूं शहर के लोटनपुरा स्थित बदायूं सिटी मॉल में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल अभ्यास के दौरान डीएम अवनीश कुमार राय व एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह व एसपी सिटी बिजेंद्र द्विवेदी, एसपी देहात हिरदेश कठेरिया और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल मौजूद रहे। मॉक ड्रिल अभ्यास में सिविल पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा चिकित्सा विभाग की टीमों ने किया प्रतिभाग। आकस्मिक परिस्थिति से बचने को मॉकड्रिल किया गया। डेमोस्ट्रेशन में किसी भी आपातकालीन स्थिति/एयर स्ट्राइक से बचने के लिए नागरिकों को जागरुक करने के लिए अभ्यास कराया गया। शाम को छह बजते ही एकदम से सिटी मॉल सहित आसपास की बिजली कट हो गई और अंधकार हो गया। मॉकड्रिल के दौरान आग लगने की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न कर फायर सर्विस की टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों के माध्यम से आग पर काबू पाने, घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया गया। मॉकड्रिल अभ्यास में पुलिस फायर सर्विस, डायल 112 तथा चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। वहीं इस दौरान जिला पुरुष अस्पताल अलर्ट मोड़ पर रहा है। यहां आपातकालीन स्थिति/एयर रेड होने पर सायरन द्वारा सभी नागरिकों को चेतावनी दी गई उसके उपरांत सभी जगह ब्लैक आउट करते हुए फायर फाइटिंग द्वारा मॉल में हुई। आगजनी पर काबू पाया गया तथा मेडिकल टीम द्वारा घायलों को तत्काल उपचार को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल रवाना किया गया। इस मौके पर सीएफओ रामराजा यादव, सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय व स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉक्टर कौशल गुप्ता एपिडेमियोलॉजी, डॉ. जुनैद अहमद, फार्मासिस्ट उदय प्रताप, पैरामेडिकल गौरव यादव, सपोर्ट स्टाफ नीरज, ईएमटी राहुल, पायलट मेघराज सहित मौजूद रहे।

मॉक ड्रिल के मुख्य उद्देश्य
ब्लैक आउट व मॉकड्रिल के दौरान• आतंकी हमला/ बम धमाका, आग, दंगा, भगदड़ या आपदा, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रशासन के बीच समन्वय, पुलिस बल की तैयारी, रिस्पांस टाइम और रणनीति की जांच, आम नागरिकों को सतर्क और जागरूक करना उद्येश्य है।

प्रमुख बिन्दू::
1- मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, एबुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की सक्रियता प्रदर्शित की गई।
2- मॉक ड्रिल के दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
3- मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा आपात स्थिति में संसाधनों की तैयारी का परीक्षण करना है।
ब्लैक आउट के दौरान क्या करें:::
1- सभी लाइटें और बिजली के उपकरण तुरंत बंद करें।
2- घर, दुकान, वाहन, मोबाइल की फ्लैशलाइट को बंद करें।
3- इन्वेर्टर व जनरेटर बंद करें ताकि बाहरी रोशनी समाप्त हो सके।
4-• खिड़कियों व दरवाज़ों के परदे बंद करें ताकि रोशनी बाहर न दिखे।
5-• वाहन चला रहे हों तो तुरंत किनारे लगाकर बंद कर दें और हेडलाइट और इंडिकेटर बंद रखें।
6-• सभी सदस्यों को एक जगह सुरक्षित रखें।
7- विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन सुरक्षित स्थान पर रहें।
8- रेडियो, मोबाइल या अन्य माध्यमों से सरकारी निर्देश सुनते रहें।
9-• पड़ोसियों को भी सतर्क करें, विशेषकर अकेले रह रहे लोगों को।
•10- जरूरी दवाइयाँ और टॉर्च आदि सामान पहले से तैयार रखें।
ब्लैक आउट के दौरान क्या न करें:::
1- ब्लैकआउट के दौरान किसी भी प्रकार की रोशनी न जलायें।
2- बाहर निकलकर सड़क पर घूमना या शोर न मचायें।
•3- वाहन चालू रखना या उसकी लाइट जलायें।
4-• सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना या भ्रामक जानकारी शेयर न करें।
5- बिना आवश्यक कारण के फोन कॉल करना-आपात सेवाओं की लाइन व्यस्त न करें।
6-• किसी भी संदिग्ध वस्तु को छूना या उठाना न करें।
7-• सामूहिक रूप से इकट्ठा होना या भीड़ लगाना नहीं चाहिए।
8-• सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं करना चाहिए।

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