नया बदायूं

भू-माफियाओं के अवैध कब्जों के खिलाफ भाकियू चढ़ूनी का धरना सातवें दिन भी जारी 

 

बदायूं संवाददाता।

सरकारी जमीनों, सार्वजनिक रास्तों और मुख्य नालों पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) का अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी जारी रहा। मालवीय आवास गृह पर चल रहे धरने में किसानों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अवैध कब्जे हटाने और भूमि विवादों का निस्तारण कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

धरने पर किसानों ने बीएसएनएल कार्यालय के पीछे नई सराय क्षेत्र में स्थित सरकारी जमीन और रास्तों की पैमाइश कराने, सार्वजनिक रास्तों व मुख्य नालों से अतिक्रमण हटाने तथा अस्पताल के पास कब्जाई गई भूमि को मुक्त कराने की मांग की। इसके अलावा प्रेमवती और भगवान दास के बीच भूमि विवाद का समाधान कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

प्रशासनिक अनदेखी पर किसान नेताओं में नाराजगी

धरने की अध्यक्षता कर रहे भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों और सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जों की शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकारी जमीनों और सार्वजनिक रास्तों से अवैध कब्जे नहीं हटाए जाते तथा भूमि विवादों से जुड़े पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, तब तक संगठन का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

जिला प्रचार मंत्री शरीफ अब्बासी ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप अवैध कब्जों के मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि तहसील प्रशासन निष्पक्ष पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र करने के लिए बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों की प्रमुख मांगें

भाकियू (चढ़ूनी) ने बीएसएनएल कार्यालय के पीछे नई सराय क्षेत्र में सरकारी भूमि और रास्तों की तत्काल निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की। साथ ही सार्वजनिक रास्तों, मुख्य नालों और अस्पताल के पास स्थित भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग उठाई।

संगठन ने प्रेमवती और भगवान दास के भूमि विवाद का निष्पक्ष निस्तारण कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा शिकायतों के बावजूद जारी कथित अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की।

धरने में शरीफ अब्बासी, बीयीशुदास, दिलशाद अब्बासी, कल्लू, नूरुद्दीन, भगवान दास प्रेमा, नौशाद और जुबैर सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने दोहराया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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