नया बदायूं

भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर भाकियू (असली) का तहसील सदर में प्रदर्शन

नया बदायूं, संवाददाता।

भारतीय किसान यूनियन (असली) गैर राजनीतिक संगठन ने भ्रष्टाचार और विभिन्न अनियमितताओं के विरोध में तहसील सदर बदायूं में जोरदार मोर्चा खोला। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी भागमल यादव ने की, जबकि संचालन युवा जिला अध्यक्ष जसवीर यादव ने किया।

जिला सचिव सूरज पाल सिंह ने बताया कि ब्लॉक जगत के ग्राम फरीदापुर सानी में 18 अप्रैल को गांव के सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर पक्की दीवार खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया। इसके अलावा रास्ते पर भूसा आदि डालकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया। इस संबंध में तहसीलदार सदर को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। आरोप लगाया कि संबंधित लेखपाल द्वारा मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं की जा रही है।

अवैध दुकानों का उठा मुद्दा

उन्होंने आगे बताया कि बदायूं-उझानी रोड पर चंद्रका देवी इंटर कॉलेज के पास सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानें बना ली गई हैं। इसकी शिकायत पूर्व में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सड़क पर अवैध कारोबार

अरुण शर्मा ने कहा कि बदायूं-बिसौली मार्ग पर एमआरएफ एजेंसी के पास बजरी और रेत विक्रेताओं द्वारा सड़क किनारे सामग्री डालने से जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।

खाद की किल्लत से परेशान

जिला अध्यक्ष केपीएस राठौर ने कहा कि जिले में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। निजी दुकानदार ओवररेट पर खाद बेच रहे हैं और किसानों से अतिरिक्त सामान लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सहकारी समितियों पर भी अनियमितताएं हो रही हैं। ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की गई।

राशन वितरण में घपलेबाजी

उन्होंने सलारपुर ब्लॉक में राशन वितरण में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर द्वारा भीगा हुआ गेहूं अधिक वजन दिखाकर डीलरों को दिया जाता है, जिससे गरीबों को कम राशन मिल रहा है। इस मामले में पूर्व में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

रिश्वतखोरों पर हो कारवाई

इसके अलावा तहसील में दाखिल-खारिज, पैमाइश और प्रमाण पत्रों के नाम पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा गया कि बिना पैसे लिए काम नहीं किया जाता और फाइलें जानबूझकर लंबित रखी जाती हैं। किसानों और आम जनता को इससे काफी परेशानी हो रही है।

उठाई मांग

भाकियू नेताओं ने मांग की कि किसानों और मजदूरों से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए तथा भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

यह रहे शामिल

इस दौरान हरीश पटेल, प्रताप सिंह, भावेश सिंह, खान बहादुर, राजपाल, विपिन माहेश्वरी, कमल गुप्ता, रामेंद्र यादव, पप्पू मौर्य, रामपाल मौर्य, बलवीर सिंह, शिवपाल यादव, गंगा सिंह, द्वारकेश सिंह पटेल, परमेश्वरी, प्रदीप, सुभाष माहेश्वरी, वसीम, गजेंद्र यादव, ऋषिपाल सिंह, अशोक पटेल, सर्वेंद्र यादव, प्रेमपाल प्रधान, अवनीश शर्मा, महेश चंद्र, रजत प्रजापति, राजीव पटेल, परमानंद, हरबंस पटेल, विकास पटेल सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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