नया बदायूं

U.P=बरेली से बड़ी खबर : तीन बार हिंदी टाइपिंग टेस्ट में फेल हुए बाबू को डीएम ने बना दिया चपरासी

नया बदायूं संवाददाता। राज्य ब्यूरो

उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह एक बार फिर अपनी कारवाई और कार्यशैली को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बरेली की मीरगंज तहसील में तैनात कनिष्ठ सहायक बाबू को तीन बार कंप्यूटर टेस्ट में फेल होने पर चपरासी बना दिया है। बाबू की नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी पद पर कर दी गई है। यह खबर उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बरेली के मीरगंज तहसील में मृतक आश्रित कोटे से कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त रेहान खान लगातार तीन बार हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास नहीं कर सके। तीसरे और अंतिम अवसर में भी निर्धारित मानक हासिल नहीं करने पर डीएम ने शासनादेश के प्रावधानों के तहत उन्हें कनिष्ठ सहायक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। रेहान खान वर्तमान में मीरगंज तहसील में कार्यरत हैं।

2021 में हुई नियुक्ति
रेहान खान की नियुक्ति पांच जुलाई 2021 को मृतक आश्रित के रूप में कनिष्ठ सहायक के पद पर हुई थी। नियमानुसार नियुक्ति के बाद उन्हें हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट निर्धारित मानक के अनुसार पास करना था। इसके लिए उन्हें पहली बार 25 सितंबर 2023 को परीक्षा में शामिल कराया गया, लेकिन वह परीक्षा में सफल नहीं हो सके।

2024 में दूसरा अवसर
इसके बाद उन्हें टाइपिंग टेस्ट पास करने का दूसरा अवसर दिया गया। 21 जून 2024 को आयोजित दूसरी परीक्षा में भी रेहान खान निर्धारित मानक हासिल नहीं कर सके। इसके बाद विभाग की ओर से उन्हें तीसरा और अंतिम अवसर प्रदान किया गया।

तीसरी अवसर पर भी फेल
आठ सितंबर 2026 को आयोजित तीसरे और अंतिम हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में भी रेहान खान अनुत्तीर्ण रहे। लगातार तीन अवसर मिलने के बावजूद परीक्षा पास नहीं कर पाने के बाद शासनादेश में निर्धारित प्रावधानों के तहत उनके पद को लेकर कार्रवाई की गई। डीएम ने 16 सितंबर 2026 को आदेश जारी करते हुए रेहान खान को चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त कर दिया।
अन्य कर्मचारियों को भी मिला अवसर
बरेली प्रशासन ने कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में अनुत्तीर्ण अन्य मृतक आश्रित कर्मचारियों को भी नियमानुसार अवसर दिया है। लक्ष्मी सक्सेना और राहुल कुमार को हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए तीसरा एवं अंतिम अवसर दिया गया है। वहीं संचित चौधरी को दूसरा अवसर प्रदान किया जाएगा।
इन कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट की तैयारी के लिए दो महीने का समय भी दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद होने वाली परीक्षा में कर्मचारियों को शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास करना होगा।

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