नया बदायूं

जल की बर्बादी, बढ़ती आबादी, और प्रकृति से छेड़छाड़ बढ़ा रही चिंता : संजीव

नया बदायूं, संवाददाता।

भारत स्काउट गाइड संस्था के तत्वावधान में गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर चल रहे निशुल्क शीतल जल सेवा शिविर के 15 वें दिन स्काउट गाइड ने भीषण गर्मी में राहगीरों, यात्रियों और जरूरतमंद लोगों को शीतल जल पिलाकर सेवा, संस्कार और मानवता की मिसाल पेश की। चिलचिलाती धूप में बच्चों का समर्पण और सेवा भाव लोगों के लिए प्रेरणादाई रहा।

शुक्रवार पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि धरती का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से घिरा होने के बावजूद पीने योग्य जल बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब तालाब, कुएं, नदियां और प्राकृतिक जलस्रोत लोगों की प्यास सहज रूप से बुझाते थे, लेकिन बढ़ती आबादी, जल की बर्बादी और प्रकृति से छेड़छाड़ ने आने वाले समय के लिए चिंता बढ़ा दी है।आने वाली पीढ़ियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।भीषण गर्मी में जब इंसान ही नहीं, पक्षी और बेजुबान जानवर भी पानी के लिए व्याकुल दिखाई देते हैं, तब जल का वास्तविक महत्व समझ में आता है। उन्होंने युवाओं से जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण करने का आह्वान किया। जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने कहा कि वर्तमान समय में जल बोतलों में बिक रहा है, जो आने वाले खतरे का संकेत है। यदि जल स्रोतों को बचाने के लिए समाज जागरूक नहीं हुआ तो भविष्य में जल को लेकर संघर्ष जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड के बच्चे सेवा के साथ समाज को जल संरक्षण और प्रकृति बचाने का संदेश भी दे रहे हैं।
स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने शिविर का निरीक्षण किया। स्काउट-गाइड के कार्यों की सराहना की। इस मौके पर रोहित गुप्ता, फरदीन अहमद, सचिन पाल, उर्मी मौर्य, पूजा मौर्य, यष्टि, आकांक्षा, सिद्धि गुप्ता, अंशिका सहित स्काउट गाइड के बच्चों ने राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई।

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