नया बदायूं

सनातन बोर्ड ने उठाई मंदिरों के सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की मांग

नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं शहर के मोहल्ला पटियाली सराय स्थितित संगठन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू के आवास पर कार्यकारिणी की बैठक की गई। जिसमें मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कराने की मांग की। जिसमें कहा कि हिंदुओं द्वारा मंदिर को दिए जा रहे हैं दान के पैसों का प्रयोग केवल सनातन धर्म के उत्थान के लिए ही किया जाए, मंदिरों के पुजारी/ महंतों को पूर्णकालिक राजकीय सेवा मानते हुए नियमित वेतन दिया जाए, सभी पुजारी/महंतो को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाए। सभी पुजारी/महंतो को धार्मिक यात्राओं की निशुल्क व्यवस्था की जाए।

सोमवार को बैठक के दौरान संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में मांग की गई। हिंदू विद्यार्थियों को आधुनिक गुरुकुलों को प्रत्येक जिले में खोला जाए,पीपीपी मॉडल के तहत नए गुरुकुल खोलने की अनुमति दी जाए। गुरुकुलों के संचालन को सनातन यूनिवर्सिटी का गठन किया जाए, अंग्रेजी विषय के अतिरिक्त अन्य विषयों की पुस्तकें अनावश्यक रूप से विदेशी अंग्रेजी भाषा में होने का विरोध किया गया, शिक्षा को नौकरी नहीं, रोजगार कौशल विकास और योग्यता केंद्रित रखा जाना चाहिए। इन विभिन्न मांगों को लेकर मठ मंदिर विभाग प्रमुख एड अश्वनी भारद्वाज और पंडित मनोज कुमार मिश्रा की ओर से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे देर रात तक चली विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। मठ मंदिर विभाग प्रमुख एडवोकेट अश्वनी भारद्वाज ने बताया हिंदू समाज अपने दायित्व को भूलकर सो रहा है मंदिरों की बिगड़ती दशा के लिए सीधे समाज जिम्मेदार है, समाज में रह रहे हर सनातनी परिवार को प्रतिमाह अपने मंदिर को आर्थिक सहयोग देना अपना धार्मिक कर्तव्य समझना चाहिए। बैठक में डॉ. सुशील गुप्ता, सेवानिवृत मैनेजर आरएस सक्सेना, सेवानिवृत एडीएम रामवीर सिंह, राजीव भारद्वाज, पंकज शर्मा, राकेश गुलाटी, विजय रतन सिंह, दीपक सक्सेना, दीपक रस्तोगी, ओमप्रकाश कश्यप, राकेश साहू, सूर्य देव वर्मा, रचित साहू, गोपाल कृष्ण शर्मा आदि उपस्थित रहे।

अंग्रेजी हुकुमत ने नष्ट की हमारी गुरूकुल
आचार्य दयाराम वेदपथी ने बताया कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करने के लिए भारी मात्रा में विदेशों पैसा आ रहा है, हमें अपने समाज के मध्य रह रहे आर्थिक कमजोर परिवारों की मदद के लिए आगे आना होगा। कार्यकारिणी प्रमुख केशवनाथ वैश्य ने हमारे बड़े-बड़े धार्मिक मंदिरों में प्रबंधन, व्यापार आर्थिक गतिविधियां कर रहे गैर धर्म के लोगों की उपस्थिति पर विरोध जताया। कार्यकारिणी प्रमुख देवदत्त शर्मा ने बताया कि अंग्रेजों ने गुरुकुलों को नष्ट कर हमारी देवभाषा संस्कृत को हमसे छीना आज ईसाई मिशनरियों के स्कूलों की आड़ में हमसे हमारी मातृभाषा हिंदी भी छीनी जा रही है। एडवोकेट राजीव रायजादे ने बताया की मनुस्मृति पर दोषारोपण कर लॉर्ड मैकाले ने हिंदू समाज का जातियों में विघटन कर दिया, उन्होंने प्रश्न किया कि कानूनन धर्म बदला जा सकता है पर जाति क्यों नहीं बदली जा सकती है। इसकी कानूनी स्वतंत्रता होनी चाहिए,सभी सनातनियों को अपना गोत्र अवश्य ज्ञात होना चाहिए।

बंगाल का दिया हवाला
जिला संयोजक देवेश शर्मा ने मध्य प्रदेश में भोजशाला पर हिंदुओं की जीत को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि यह हिंदुओं के पुनर्जागरण का काल है, पश्चिम बंगाल पर मिली भाजपा की जीत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा अब हिंदू विरोधी देश पर शासन नहीं कर सकेंगे।

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