नया बदायूं, संवाददाता।
चाइल्डलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 के माध्यम से सूचना मिली कि थाना कादरचौक क्षेत्र में एक किशोरी का बाल विवाह हो रहा है। जिसमें बाल विवाह 23 जून को होना है। सूचना मिलने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए मामले की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व बाल कल्याण समिति को दी। जिसके बाद टीम ने मौके पर जाकर बाल विवाह रूकवाया है।
रविवार को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार के आदेशानुसार चाइल्ड हेल्पलाइन काउंसलर मुंतजिम, केस वर्कर पुरुषोत्तम, मुख्य आरक्षी कुलदीप मिश्र, आरक्षी रवि कुमार, महिला आरक्षी रेनू थाना एंटी ह्यूमन एवं थाना कादरचौक से हल्का पुलिस गांव में मौके पर पहुंची। टीम ने किशोरी व उसके परिवार से मिले तथा किशोरी के आयु के साक्ष्य मांगे। जिसमे किशोरी की आयु साक्ष्यों के अनुसार 17 वर्ष के लगभग निकली, परिवार के अनुसार भी किशोरी की आयु 17 वर्ष के लगभग थी, जिसके बाद किशारी के पिता को शादी न करने के बारे में समझाया गया। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया। टीम ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अगर लड़की की शादी 18 वर्ष से पहले करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। किशोरी के पिता ने प्रभारी निरीक्षक की उपस्थित में शपथ पत्र दिया कि जब तक मेरी लड़की 18 वर्ष की ना हो जाएंगी तब तक मैं उसका विवाह नहीं करूंगा। अगर विवाह किया तो उस पर कार्रवाई की जाये। बतादें कि जिले में अब तक करीब 15 बाल विवाह रोके जा चुके हैं।

Discussion about this post