नया बदायूं

पत्रकार समाज को नई दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं : बीएल वर्मा

नया बदायूं, संवाददाता।

बदायूं शहर के दिल्ली पब्लिक स्कूल बदायूं में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया रिपोर्टर एसोसिएशन, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उ. प्र. श्रमजीवी पत्रकार यूनियन एवं नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स की बदायूं इकाई ने किया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा एवं मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार संजय रस्तोगी एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों का अभिनन्दन किया और समाज और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट, निष्पक्ष और निर्भीक योगदान देने वाले पूर्व एवं वर्तमान लगभग 48 वरिष्ठ पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम संबोधन में मुख्य अतिथि बीएल वर्मा ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है। वह निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ जनहित के मुद्दों को सामने लाकर समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। ऐसे में उनके योगदान को सम्मानित करना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने सभी पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि यह दिन केवल पत्रकारों का नहीं, बल्कि उन मूल्यों का उत्सव है जिन पर लोकतंत्र की नींव टिकी है। जनसरोकार, सत्य, निष्पक्षता और समाज के प्रति जवाबदेही जैसे सिद्धांतों को मजबूत करने में हिन्दी पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिन्दी पत्रकारिता केवल समाचारों तक सीमित नहीं रही, उसने जनजागरण का माध्यम बनकर लोगों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। अनेक समाचार पत्रों और संपादकों ने ब्रिटिश शासन की नीतियों का विरोध करते हुए जनता की आवाज बुलंद की।

बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने कहा कि आज भी गांव, कस्बों और छोटे शहरों की समस्याओं को सामने लाने में स्थानीय पत्रकारों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने का काम जमीनी पत्रकारिता ही करती है।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। पत्रकार का काम केवल सूचना देना नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच कर सत्य को सामने लाना भी है। निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित को सर्वोपरि रखना ही पत्रकारिता की असली पहचान है।

वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खुराना ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिन्दी पत्रकारिता केवल समाचारों तक सीमित नहीं रही। उसने जनजागरण का माध्यम बनकर लोगों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। अनेक समाचार पत्रों और संपादकों ने ब्रिटिश शासन की नीतियों का विरोध करते हुए जनता की आवाज बुलंद की। इसके लिए कई पत्रकारों को आर्थिक कठिनाइयों, मुकदमों और जेल तक का सामना करना पड़ा। इतिहास गवाह है कि पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

डीपीएस के छात्र ने रखे विचार
दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र सारांश भारद्वाज ने उपस्थित मीडिया समूह के समक्ष अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया के विस्तार ने युवाओं के लिए पत्रकारिता के नए अवसर खोले हैं। मोबाइल पत्रकारिता, डेटा पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे नए क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहीं, प्रतिस्पर्धा और त्वरित खबरों की दौड़ में गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे समय में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को बनाए रखना और तथ्यों पर आधारित खबरें प्रस्तुत करना सबसे महत्वपूर्ण है।

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