नया बदायूं

आईपीएल सट्टा की शिकायत करने वाले को हिस्ट्रीशीटर मैहराज गैंग के गुर्गों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और वीडियो बनाई

पीड़ित गुड्डू

पीड़ित गुड्डू

नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं शहर में आईपीएल सट्टा पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। तेज तर्रार एसएसपी अंकिता शर्मा ने बाकी अपराध पर तो लगाम लगा दी है लेकिन आईपीएल सट्टा गैंग पर शिकंजा नहीं कस पा रही हैं। दो पुलिस अधिकारियों की सह पर हिस्ट्रीशीटर मैहराज और सधीर चौधरी पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं। हिस्ट्रीशीटर ने आईपीएल सट्टा कराने को लेकर समाज में ऐसा दहशत का महौल बना रखा है कि कोई शिकायत करने को तैयार नहीं है लेकिन दो पीड़ितों ने शिकायत की तो एक के घर जाकर मैहराज के गैंग ने धमकी दी। गुड्डा के कान पर तमंचा लगाकर जबरन दबाव में वीडियो बनवा ली और धमका दिया है। इसकी भी गुड्डू ने मुख्यमंत्री और एसएसपी से शिकायत की है।

शहर के मोहल्ला मीरा सराय निवासी गुड्डा पुत्र हरप्रसाद ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर जाकर मुख्यमंत्री स्तर एवं एसएसपी से शिकायत की है। जिसके साथ ही एक वीडियो जारी की है जो सोशल मीडिया पर वायरल है। कहा कि शहर के घंटाघर निवासी मैहराज चौधरी और सधीर चौधरी सट्टा का काम करते हैं। मैहराज चौधरी हिस्ट्रीशीटर है, जिसके द्वारा आईपीएल सट्टा कराया जा रहा है। जिससे सैकड़ों घर बर्वाद हो रहे हैं। पुलिस के दो अधिकारियों से सीधी साठगांठ है। जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कुछ पुलिस कर्मी तो मैहराज और सधीर चौधरी को मुखबरी का कार्य करते हैं पुलिस अधिकारी कभी छापा मरवाते भी हैं तो वह मुखबरी करता है।
गुरुवार को गुड्डू ने वीडियो जारी कर तथा मुख्यमंत्री स्तर पर शिकायत कर कहा कि हिस्ट्रीशीटर मैहराज व सधीर चौधरी ने अपने गैंग के वाहिद को घर भेजा। गैंग का साथी वाहिद अपने साथियों के साथ आया और मुझे तमंचा दिखाकर जमकर धमकाया और डराया है। तमंचा दिखाकर जाति सूचक शब्द कहे और दबाव में जबरन वीडियो बनाई कहा कि वीडियो में बोल मैंने मैहराज और सधीर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है। फिलहाल दिनदहाड़े शिकायतकर्ता को तमंचा दिखाकर धमकाया जा रहा है, इससे साफ है कि अपराधी पुलिस ही नहीं योगी सरकार को खुली चुनौती दे रहे हैं। योगी सरकार में आईपीएल सट्टा खुलेआम हो रहा है ऊपर से हिस्ट्रीशीटर का गैंग खुलेआम पीड़ितों को शिकायत करने पर धमका रहा है।

नेताओं के साथ पोस्टर लगाकर बनाई पहचान
शिकायत में हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों को लेकर इतिहास की लंबी कहानी है। आरोप है कि मेहराज चौधरी का जिले भर के अपराधियों से आना-जाना रहता है। उसके साला सधीर चौधरी का अपराधियों के साथ-साथ पुलिस के कुछ अफसरों के पास बैठना और खानापीना है। यहां तक कि महीने का भी ध्यान रखता है। सधीर चौधरी का सत्ता के नेताओं का सहारा है। सत्ता के नेताओं के सहारे ही पुलिस से बैकअप ले रहा है। इसीलिए सट्टा फलफूल रहा है। मैहराज हिस्ट्रीशीटर होने के बाद भी नेताओं के गले लगा हुआ है क्योंकि सत्ताओं के नेताओं के साथ फोटो बड़ी-बड़ी फलैक्स पर लगवा रहा है और पहचान बना रहा है।

जुंआ-सट्टा और स्मैक तस्करी से बना हिस्ट्रीशीटर
सदर कोतवाली में मेहराज चौधरी हिस्ट्रीशीटर है तथा गैंगस्टर भी ल ग चुकी है। मेहराज चौधरी का आपराधिक इतिहास लंबा है। वर्ष 2017 में मेहराज चौधरी को थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक की पुड़िया समेत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मेहराज को जेल भी भेजा था लग भग छह महीने जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद मेहराज फिर से सट्टा, जुआ, आईपीएव कराने लगा है। स्मैक की तस्करी कर बदायूं में जाल फैलाकर युवाओं को अंधकार में झोंकने का काम किया। जब स्मैक तस्करी पर शिकंजा कसा तो आईपीएल सट्टा शुरू कर दिया।

पुलिस क्यों नहीं हटवा रही कैमरा
पुलिस हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों पर क्या शिकंजा कसेगी और क्या कार्रवाई में कामयाबी मिल पायेगी। क्योंकि हिस्ट्रीशीटर व सटोरिया पुलिस से ज्यादा चालाक हैं। शिकायत में आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों ने गली से लेकर घर तक कैमरे लगा रखे हैं। जब भी पुलिस यहां पहुंचती है तो वह गली में लगे कैमरों में पुलिस की गतिविधियों को देखकर घर से भाग जाता है। लोगों ने गली से लेकर घर तक लगे कैमरों की जांच करने और उसे हटाने की मांग की है। मगर कोतवाली पुलिस सीसीटीवी कैमरा हिस्ट्रीशीटर के घर से नहीं हटवा पा रही है।

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