नया बदायूं

आशा कर्मियों की हड़ताल 27वें दिन जारी, सरकार को चेतावनी

संवाददाता। नया बदायूं

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर जारी हड़ताल ने आज 27वा दिन पूरा किया। एक दिन पहले मंडलायुक्त कार्यालयों पर आयोजित विशाल प्रदर्शनों के बाद शनिवार को पुनः निचले स्तर पर राज्य भर में धरने प्रदशर्न और सभाओं का दौर पूर्ववत जारी रहा।

शनिवार को बदायूं में जिलाध्यक्ष सह मंडल प्रभारी जौली वैश्य ने मालवीय मैदान में जारी धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के पास वार्ता के जरिए समस्याओं के समाधान या दमन के जरिए आंदोलन को तोड़ने का भी विकल्प है, किंतु दमन से आंदोलनों को खत्म नहीं किया जा सकता। जब तक सवाल रहेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उसके स्वरूप बदलते रह सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की सर्दी में अपने जिला मुख्यालयों, सामुदायिक केंद्रों में धरने के बैठी आशा कर्मियों की उनकी मांगो के प्रति दृढ़ता के साथ उनकी तकलीफ का भी सरकार को अंदाजा लगाना चाहिए और इस आंदोलन को थकाने ,दबाने और सबक सिखाने की कोशिश के बजाय स्थिति को सामान्य करने की पहल करनी चाहिए। जिला सचिव मुनिशा ने कहा कि हमारा आंदोलन राष्ट्रपिता बापू के बताए हुए अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर है। सविनय अवज्ञा आंदोलन ने तो अंग्रेज़ी हुकूमत को झुका दिया था। इसलिए हम सब को अपने आंदोलन को अनुशासित ,सुसंगठित और व्यापक गोलबंदी के साथ आगे बढ़ाना है। निश्चय ही हम अपनी आवाज सरकार को सुनाने में कामयाब हुए हैं और समाधान तक भी आंदोलन को ले जाने की चुनौती हैं। इस अवसर पर धरने को मुनिशा यादव और निर्दोष ने भी संबोधित किया। इसे मौके पर प्रीति, इंद्रवती, रुक्मणि, सत्यवती, रितेश, लॉन्गश्री, नेमवती, मीरा, माया, रमरती, विमला देवी आदि आशाएं शामिल रही।

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