नया बदायूं, संवाददाता।
31 मार्च को सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा की सेवानिवृत्ति हो चुकी है। इसके बाद से कार्यवाहक सीएमओ डॉ. मोहन झा बन चुके हैं। मगर अब तक कर्मचारी-अधिकारी डॉ. मोहन झा को सीएमओ मानने को तैयार नहीं हैं। सीएमओ वाला प्रोटोकाल देने से हिचकिचाते हैं। ऐसा आमतौर पर आये दिन देखने को मिल रहा है। इसका प्रमाण उनके कार्यालय में लगे सीएमओ का बोर्ड है। जिस पर आज तक नाम अंकित नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अधिकारी सीएमओ के रूप में डॉ. मोहन झा तैनात हैं। 31 मार्च को ही डॉ. रामेश्वर मिश्रा की सेवानिवृत्ति हो गई थी और डॉ. मोहन झा को कार्यभार दे दिया गया था। आज डेढ़ महीना हो गया है लेकिन उनके पद के आगे नाम नहीं लिखवाया जा रहा है। जबकि आये दिन सीएमओ वरिष्ठ सहायक पवन कुमार और पारस कुमार से कहते हैं। कई अन्य लिपिक से भी कह चुके हैं इसके बाद भी उनकी बात को तबज्जो नहीं दिया जा रहा है। इसीलिए अभी तक उनके कार्यालय में लगे कार्यकाल वाले बोर्ड पर अभी तक नाम नहीं लिखा गया है। वहां अभी भी तत्कालीन सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा का नाम लिखा है, इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
कौन हैं डॉ. मोहन झा
वर्तमान के सीएमओ डॉ. मोहन झा स्वास्थ्य विभाग में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मूल पद पर हैं। बदायूं स्वास्थ्य विभाग में वर्तमान में एक ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पद स्तर के एक ही डॉक्टर हैं वह हैं डॉ. मोहन झा। इसीलिए शासन एवं प्रोटोकाल के तहत सीएमओ का कार्यभार भी उन्हें ही दिया गया।
कर्मचारी भी नहीं करते नियम का पालन
सीएमओ कार्यालय में सीएमओ के अधीन उनके कक्ष पर तीन से चार कर्मचारी लगे हैं। तीन से चार लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी सीएमओ की बातों को तबज्जो नहीं दे रहे हैं। एक भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ड्रेस पहनकर तथा जूता पहनकर नहीं आते हैं, मन चाहा कपड़ा पहनकर या फिर चप्पल पहनकर ही चले आते हैं। अक्सर गेट से गायब रहते हैं और सीएमओ घंटी बजाते रहते हैं। कई बार मोबाइल में व्यस्त नजर आते हैं।
सीएमओ की सुनिए::::
सीएमओ डॉ. मोहन झा से बात की गई तो डॉ. मोहन झा ने बताया कि कर्मचारियों से और बाबू से कहा कि कार्यालय के बोर्ड पर नाम दर्ज करा दें, एक-दो दिन में नाम दर्ज करा देंगे। उन्होंने कहा कि कार्यालय के गेट पर तो बोर्ड पर नाम लिखवा दिया है।
