नया बदायूं संवाददाता। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है। इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में गरीबों और असहायों की मदद के लिए पूर्व मंत्री आबिद रज़ा और नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रज़ा ने मानवीय संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शुक्रवार की देर रात दोनों नेताओं ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर सड़क किनारे और रैन बसेरों में रात गुजार रहे जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए।
रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थलों का औचक निरीक्षण
पूर्व मंत्री और चेयरमैन ने देर रात प्राइवेट बस स्टैंड पर बने अस्थायी रैन बसेरा, रेलवे स्टेशन, शेल्टर होम और अन्य सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल राहत सामग्री बांटी, बल्कि रैन बसेरों में ठहरे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कड़ाके की ठंड में किसी भी व्यक्ति को खुले में सोने की नौबत न आए और रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
जरूरतमंदों के लिए ‘संजीवनी’ बनी राहत
कड़ाके की ठंड के बीच कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत की मुस्कान साफ नजर आई। कंबल प्राप्त करने वाले लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस भीषण ठंड में यह मदद उनके लिए किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं है। स्थानीय लोगों ने पूर्व मंत्री और चेयरमैन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब लोग घरों में दुबके हैं, तब जनप्रतिनिधियों का जमीन पर उतरकर दुख-दर्द बांटना वाकई काबिले तारीफ है।
समस्याओं के समाधान का आश्वासन
भ्रमण के दौरान आबिद रज़ा ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे जनता की हर समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इस भीषण ठंड में कोई भी जरूरतमंद अकेला महसूस न करे, इसके लिए प्रशासन और व्यक्तिगत स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
