नया बदायूं

निजी तालाब पर कब्जा का आरोप, 7वें दिन भी धरना जारी

बदायूं/बिसौली, संवाददाता।

बदायूं जनपद की तहसील बिसौली क्षेत्र के ग्राम बगरैन में निजी तालाब पर कथित कब्जे और अवैध मछली पालन के विरोध में तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप समेत कई लोग पिछले सात दिनों से धरने पर डटे हुए हैं। धरनास्थल मालवीय आवास में 25 मई से चल रहे आंदोलन में ओलावृष्टि और घनघोर वर्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

सोमवार को धरने का नेतृत्व कर रहे रामबाबू कश्यप ने आरोप लगाया कि उनके 96 बीघा निजी तालाब पर पिछले कई वर्षों से भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर मछली पालन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2021 से लगातार न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। उनका दावा है कि तालाब से करोड़ों रुपये का मछली पालन कराया गया है।
धरने में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की भू-माफियाओं से मुक्ति की नीति को स्थानीय प्रशासन प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के लगभग 154 बीघा तालाब की भूमि पर भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर मकान और दुकानें बना दी गई हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार तालाब की प्रकृति (नौईयत) नहीं बदली जा सकती।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा के तालाब से संबंधित गाटा संख्या 1320, 1689, 1315 क एवं 1315 ख का वर्ष 2016 में नियमों के विपरीत पट्टा किया गया था। उनका कहना है कि पट्टे की अवधि 16 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसके बावजूद मार्च माह तक मछली का दोहन जारी रहा। धरनारत लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निजी एवं ग्राम सभा की तालाब भूमि को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग की है। धरने में भाकियू (टिकैत) के सलारपुर ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू सैफी, बिसौली ब्लॉक अध्यक्ष योगेश यादव, सुरेश दीवान, रामचंद्र सिंह, शिवदयाल सागर, प्रेमचंद सिंह, पूरन पाल, तिलक चंदन कश्यप, बादाम सिंह, रूम सिंह यादव, तेजेंद्र सिंह, योगेश मौर्य, प्रेमपाल सिंह सहित दर्जनों किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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