बदायूं। शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए गुरुवार को प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। हालांकि, यह अभियान व्यवस्था सुधारने के बजाय हंगामे और विवादों की भेंट चढ़ गया। व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट और नगर पालिका कर्मियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
गोपी चौक से टिकटगंज तक चला अभियान

गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल, सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय और पीएसी की मौजूदगी में अभियान गोपी चौक से शुरू हुआ। भारी पुलिस बल और ट्रैफिक टीम को देखकर दुकानदारों में हड़कंप मच गया। नगर पालिका कर्मियों ने सड़कों पर रखे सामान को जब्त करना शुरू किया और कई स्थानों पर पक्के चबूतरे ढहा दिए।
प्रशासन पर पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप
अभियान के दौरान व्यापारियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्होंने अधिकारियों पर चुनिंदा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि अधिकारियों ने ‘नियमों को कम और चबूतरों को ज्यादा’ तोड़ा है। आरोप लगा कि रसूखदारों और के अतिक्रमण को फोल्डिंग बताकर छोड़ दिया गया, जबकि आम व्यापारियों के फुटपाथ तोड़ दिए गए। नेहरू चौक, तहसील रोड और बड़ा बाजार में व्यापारियों की अधिकारियों से तीखी नोक झोंक हुई। नवीन और नीरज रस्तोगी जैसे व्यापारियों ने रिश्वतखोरी और भेदभाव का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है।
जनप्रतिनिधि भी आए जनता के निशाने पर
हंगामे के दौरान व्यापारियों ने न केवल अधिकारियों, बल्कि शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रजा पर अपने करीबियों को बचाने का आरोप लगाया। कुछ व्यापारियों का कहना था कि चेयरमैन के चहेतों के चबूतरे छोड़ दिए गए, तो कुछ ने विधायक के समर्थकों को संरक्षण मिलने की बात कही।
महिलाओं से अभद्रता और सामान की जब्ती
अभियान के दौरान खैराती चौक पर स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब नगर पालिका के पुरुष कर्मचारी एक लड़की और महिला से सामान छीनते नजर आए। आरोप है कि कर्मचारियों ने महिलाओं के साथ बदतमीजी की और अधिकारी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल ने बताया कि शहर में रोजाना लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने कहा कि सड़कों तक अतिक्रमण करने वाले लोग ही विरोध कर रहे हैं। हल्की नोकझोंक अभियान का हिस्सा है, लेकिन नियमों के तहत ही कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान शुक्रवार को भी जारी रहेगा।

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