नया बदायूं

दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने के नाम पर रंगदारी वसूलने पर फर्जी भाजपा नेता अमन मयंक शर्मा के बाद शिवकांत शर्मा भी गिरफ्तार, जेल भेजा

नया बदायूं, संवाददाता।

उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में पिछले दो दिन से पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बाद बदायूं की राजनीति के फर्जीवाड़ा का सच सामने आ गया है। जिला अध्यक्ष से लेकर डिप्टी सीएम तक गले लगा कर फोटो खिंचवाने वाले भाजपा के अपने आप को वरिष्ठ नेता बता रहे थे, जनता में नेता और अधिकारियों के साथ फोटो दिखाकर रंगदारी वसूलने का धंधा कर रहे अमन मयंक शर्मा और अजय शर्मा तथा शिवाकांत शर्मा और अंकुर उपाध्याय पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज हो चुका है। जिसमें अमन मयंक शर्मा अजय शर्मा बीते दिन जेल जा चुके हैं बुधवार को शिवाकांत शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है वहीं अंकुर उपाध्याय अभी भी फरार चल रहा है। फिलहाल भाजपा के जिला अध्यक्ष से लेकर जनप्रतिनिधियों ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है कि उसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है कार्यक्रमों में कब फोटो खींच लिए उनको नहीं पता है। मगर पुलिस और प्रशासन के अवसर जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि उन्होंने इन रंगदारी वसूलने वाले अपराधियों के साथ क्यों फोटो खिंचवाते रहे, बचाव में क्या करार दें?

शिवकांत शर्मा से 5100 रुपये बरामद

सिविल लाइंस थाना पुलिस ने वांछित एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियान के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये लेने के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मुकदमे से संबंधित 5,100 रुपये बरामद किए हैं।

संतोष की तहरीर पर मुकदमा
पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को ग्राम कैली, थाना कुंवरगांव निवासी संतोष कुमार पाल ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा संख्या 309/26, धारा 308(6) बीएनएस के तहत अजय शर्मा, अंकुर उपाध्याय और अमन मयंक शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

1.40 लाख की रंगदारी वसूली

पुलिस के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया कि दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने के नाम पर अमन मयंक शर्मा और अजय शर्मा तथा अंकुर उपाध्याय के साथ ही शिवाकांत शर्मा के द्वारा कुल 1,40,000 रुपये लिए गए।

पुलिस ने जेल भेजा
मुकदमे की विवेचना के दौरान शिवकान्त शर्मा पुत्र जदगीश चन्द्र शर्मा निवासी ग्राम महरौली, थाना मूसाझाग, बदायूं का नाम प्रकाश में आया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 26 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से मुकदमे से संबंधित 5,100 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने अब तक अमन मयंक शर्मा और अजय शर्मा के बाद शिवाकांत शर्मा को जेल भेज दिया है जबकि अंकुर उपाध्याय अभी भी फरार है।

विवेचना जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में नामजद एवं प्रकाश में आए अन्य आरोपियों की भूमिका की भी विवेचना की जा रही है।

गिरफ्तारी टीम
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अपराध सुपेन्द्र मलिक मय टीम शामिल रही।

गैंग बनाकर कर रहे थे रंगदारी का धंधा

बदायूं विधानसभा के साथ-साथ दातागंज विधानसभा और शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में चारों फर्जी भाजपा नेताओं का रंगदारी का धंधा लंबे समय से चल रहा था। फर्जी भाजपा नेता अमरनाथ शर्मा अजय शर्मा और शिवाकांत शर्मा तथा अंकुर उपाध्याय जमीनों पर कब्जा करवाने और पुलिस तथा तहसील में कार्रवाई से बचाने तथा कार्रवाई करवाने के नाम पर रंगदारी वसूलते थे। नेताओं और अधिकारियों के नाम पर पैसा वसूल कर मौज मस्ती कर रहे थे लंबे समय के बाद इस गैंग पर कार्रवाई हुई है। जिससे जनता को राहत मिली है।

भाजपा जिला अध्यक्ष की सुनिए

भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है पंडित अजय शर्मा और अमन मयंक शर्मा, अजय शर्मा और शिवाकांत शर्मा तथा अंकुर उपाध्याय का भाजपा में कोई दायित्व नहीं है किसी तरह का कोई पद नहीं है, भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। अगर वह अपने आप को भाजपा नेता बता रहे थे तो गलत है। अपराधियों का भाजपा से लेना-देना नहीं है अपराधियों की जगह जेल में है। अपराध किया है तो कार्रवाई होगी, पुलिस को ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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