नया बदायूं

हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन ने बुल्डोजर चलाया, डीएसए कोठी से हटवाया अतिक्रमण और दिलाया कब्जा, फोर्स रहा तैनात

नया बदायूं, संवाददाता।
मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया (पूर्व नाम मेथोडिस्ट चर्च इन सदर्न एशिया/डब्ल्यूएफएमएस सोसायटी) की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला प्रशासन से डीएसए कोठी परिसर से अवैध कब्जे हटाने तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के आदेशों का तत्काल अनुपालन कराने की मांग की गई। जिसके क्रम में हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम अवनीश कुमार व एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में अधिकारी व फोर्स पहुंची, नगर पालिका की टीम पहुंची। इंदिरा चौक स्थित इस कोठी परिसर व बाहर से अतिक्रमण को हटाया गया। इसके अलावा कोठी को खाली कर पीड़ित पक्ष को कब्जा दिलाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार और तहसीलदार व नायब तहसीलदार व राजस्व की टीम साथ रही।

एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ मैथोडिस्ट चर्च इन इंडिया (पूर्व नाम एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ मैथोडिस्ट चर्च इन सदर्न एशिया/डब्ल्यू वाई एफ एम सोसायटी ) पादरी सचिन रॉबिंसन कार्यालय मैथोडिस्ट चर्च सिविल लाइंस द्वारा विज्ञप्ति में बताया गया है। कि ग्राम नेकपुर तहसील एवं जिला बदायूं स्थित खसरा संख्या 84 सहित अन्य गैर-जेडए भूमि पर स्थित डीएसए कोठी परिसर मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया ट्रस्ट की विधिक स्वामित्व वाली संपत्ति है। संस्था का दावा है कि पिछले लगभग 100 वर्षों से इस परिसर का विधिक एवं शांतिपूर्ण उपयोग चर्च के जिला अधीक्षक के आवास और प्रशासनिक कार्यों के लिए होता रहा है। इस पर फिर कब्जा कर लिया गया और मामला हाईकोर्ट तक ग या। हाईकोर्ट में ट्रायल के बाद आदेश किया गया। जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन पहले लापरवाही करता रहा और फिर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई तो भारी मात्रा में फोर्स और अधिकारी मौके पर पहुंचे और कोठी को खाली कराया गया। इसके बाद कब्जा दिलाया गया और अवैध अतिक्रमण को तोड़ा गया है।

पूर्व जिला अधीक्षक की मृत्यु के बाद कब्जे का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्व जिला अधीक्षक के निधन के बाद कुछ लोगों ने कथित रूप से जिला अधीक्षक आवास पर अवैध कब्जा कर लिया तथा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य भी करा लिया। संस्था का कहना है कि यह कब्जा पूरी तरह अवैध है और इसके विरुद्ध कई स्तरों पर शिकायतें एवं कानूनी कार्रवाई की गई।

अल्पसंख्यक आयोग और हाईकोर्ट का हवाला
संस्था ने बताया कि इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सुनवाई के बाद 19 अप्रैल 2024 को आदेश जारी किया था, जिसमें अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। आरोप है कि इस आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं कराया गया। इसके बाद संस्था ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 23966/2026 दाखिल की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 17 जून 2026 को हाईकोर्ट ने डीएमं एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अवैध कब्जे हटाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया ने कहा है कि अब जबकि हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश प्राप्त हो चुका है, जिला प्रशासन को डीएसए कोठी परिसर को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर चर्च को विधिक रूप से कब्जा दिलाना चाहिए। संस्था ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी एवं संस्थागत भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान के अनुरूप इस प्रकरण में भी शीघ्र कार्रवाई अपेक्षित है। प्रेस विज्ञप्ति के अंत में संस्था ने न्यायपालिका के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जाना कानून के शासन को मजबूत करेगा।

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