नया बदायूं, संवाददाता।
जनपद बदायूं में भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी में आंनद लेने के लिए लोगों की पहली पसंद आईसक्रीम बनी हुई है। मगर आईसक्रीम खाने से पहले एक बार सोच लें और जरूर देख लें कहीं ब्रांडेड और सही आईसक्रीम है। क्योंकि बाजार में मिलावटी एवं कैमिकल्स वाले ऐसे पदार्थों से आईसक्रम बनाई जा रही है जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। हालांकि कमिश्नर बरेली और डीएम बदायूं ने सख्ती दिखाई तो खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से छापामारी अभियान चलाकर आईसक्रीम निर्माण ईकाईयों पर जाकर सैंपलिंग की गई है।
बुधवार को कमिश्न बरेली और डीएम बदायूं अवनीश कुमार राय के निर्देशन में सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय सीएल यादव व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी सिंह के निर्देशन/ नेतृत्व में खाद्य पदार्थ आइसक्रीम, आइसकैंडी, आइस लॉलीज, फ्रोजेन डेजर्ट, कुल्फी व अन्य समान उत्पाद पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम को जनपद बदायूं के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से विशेष अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य परिसरों से कुल तीन खाद्य पदार्थों के नमूनों को को भरा है और जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार, माता शंकर बिंद, भगवत सिंह एवं राजेंद्र नाथ मिश्रा मौजूद थे।
यहां की गई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापामारी अभियान में पुसगंवा रोड वजीरगंज स्थित बजरूल कमर के प्रतिष्ठान से मैंगो कैंडी का एक नमूना संग्रहित किया गया। इसके अलावा बदायूं स्थित उजाला आइसक्रीम से आइस कैंडी का एक नमूना नई सराय संग्रहित किया गया। बनिया मोहल्ला वजीरगंज स्थित आबिद के प्रतिष्ठान से आइस कैंडी का एक नमूना संग्रहित किया गया।
साफ-सफाई के दिये निर्देश
निरीक्षण के दौरान समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य पदार्थों को ढ़ककर रखने, दुकानों में साफ-सफाई रखने, शुद्ध एवं गुणवत्ता पूर्वक खाद्य पदार्थों को बेंचने, बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार नही संचालित करने के कड़े निर्देश दिए गए। मौके पर उपस्थित आम जनमानस को अपमिश्रण से होने वाले दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया।
