नया बदायूं, संवाददाता।
भारतीय संस्कृति में ‘गाय के लिए पहली रोटी’ निकालने की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से श्रीमद ब्रह्मदत्त गौशाला धाम द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। इस पहल के तहत विद्यालयों में बच्चों के भीतर गौसेवा का भाव जागृत करने के लिए “गऊ मां सेवा रोटी पात्र” रखवाए जा रहे हैं, ताकि छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्वेच्छा से एक रोटी गऊ मां के नाम निकालने के लिए प्रेरित हों।
शनिवार को इसी क्रम में भारत विकास परिषद शाखा बदायूं ने भी इस अभियान को अपना सहयोग प्रदान किया। परिषद के संरक्षक चंद्र प्रकाश गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी मंजू रानी गुप्ता के साथ मिलकर एक “गऊ मां रोटी पात्र” बनवाकर शिवदेवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भेंट किया।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता ने विधिवत पूजन कर “एक रोटी गऊ मां के नाम” अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों को गौमाता की सेवा एवं संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज भी कई घरों में पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है, लेकिन अब यह संकल्प लेना होगा कि हर घर से प्रतिदिन एक रोटी गऊ माँ के नाम अवश्य निकले।
उन्होंने आगे कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में विलुप्त होती जा रही ‘गौ-ग्रास’ की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है। हिन्दू धर्म में गाय को अत्यंत पूजनीय माना गया है और ऐसी मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास होता है। प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाने से पुण्य एवं आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
विद्यालय के प्रबंधक वीरेंद्र झा ने भी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रतिदिन गौमाता के लिए रोटी सेवा करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चंद्र प्रकाश गुप्ता, मनीष सिंघल, सचिन भारद्वाज, राजेंद्र गुप्त, मुकेश गुप्ता, दिनेश शर्मा, राजीव अग्निहोत्री, के.बी. गुप्ता एवं आकाश कमल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य कुशल शर्मा द्वारा किया गया।
