संवाददाता नया बदायूं।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सोमवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। उझानी कोतवाली में तैनात 55 वर्षीय उपनिरीक्षक कुंवरपाल सिंह की पोस्टमार्टम हाउस पर ड्यूटी के दौरान हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। दरोगा एक किशोरी के आत्महत्या मामले में पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही कराने पहुंचे थे। कड़ाके की ठंड और काम के दबाव के बीच अचानक तबीयत बिगड़ने से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
किशोरी के केस में पहुंचे थे पोस्टमार्टम हाउस।
उझानी क्षेत्र में रविवार को छेड़छाड़ से आहत होकर एक किशोरी ने आत्मघाती कदम उठा लिया था। इसी मामले की कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दरोगा कुंवरपाल सिंह सोमवार सुबह अपनी टीम के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह वहां खड़े होकर कागजी कार्यवाही की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें चक्कर आया और वह जमीन पर गिर पड़े।
बचाने का किया गया हर संभव प्रयास।
दरोगा के गिरते ही वहां मौजूद कर्मियों और पुलिस बल में हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी सत्यवीर ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही उन्हें सीपीआर देना शुरू किया। इस बीच तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने भी उन्हें बचाने का भरपूर प्रयास किया और दोबारा सीपीआर दी, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। अंततः डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का प्राथमिक अनुमान है कि गलन भरी सर्दी के कारण हृदयगति रुकने से उनकी जान गई है।
विभाग और परिवार में पसरा मातम।
मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले कुंवरपाल सिंह लंबे समय से उझानी कोतवाली में तैनात थे। उनकी पहचान एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में थी। ड्यूटी के दौरान उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और शोक व्यक्त किया। बुलंदशहर में रह रहे उनके परिजनों को जैसे ही इस दुखद घटना की जानकारी मिली, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बदायूं के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस विभाग ने उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
