नया बदायूं, संवाददाता।
गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर आगामी गुरु पूर्णिमा पर्व (29 जुलाई) और ज्योति कलश रथ यात्रा (31 जुलाई) के भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
रविवार को गायत्री शक्तिपीठ के संरक्षक महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि मनुष्य के श्रेष्ठ कर्म ही उसके भाग्य को उज्ज्वल बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी शक्ति और सामर्थ्य को पहचानें और राष्ट्रहित में अपना समय समर्पित करें।
मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा पर्व एवं पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
जिला समन्वयक नरेंद्रपाल शर्मा ने जानकारी दी कि 100 वर्षों से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति, 2400 तीर्थों के जल-रज से युक्त ज्योति कलश, तथा परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष और युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचार क्रांति अभियान के तहत शांतिकुंज, हरिद्वार से आई ज्योति कलश रथ यात्रा का शहर में भव्य भ्रमण कराया जाएगा।
इस मार्ग से निकलेगी यात्रा
बदायूं शहर में रथ यात्रा का निर्धारित मार्ग तय कर दिया गया है और 31 जुलाई को सुबह 9 बजे निकलेगी। प्राचीन बिरुआबाड़ी मंदिर से प्रारंभ होकर पथिक चौक, टिकटगंज, लाल बहादुर शास्त्री चौक, खैराती चौक, नेहरू चौक, गोपी चौक, मथुरिया गेट, लालपुल से निकलेगी।
समापन
गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर पूजन एवं आरती कर भक्ति भाव से स्वागत करेंगे। कार्यक्रम में राम कुमार सिंह फौजी, नत्थू लाल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति, डॉ. सोहनपाल, दया शर्मा, पीसी शर्मा, मदन लाल झा, शिवंवदा सिंह, सीमा गुप्ता, शोभना, ब्रजकिशोर, मनोज मिश्रा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परिव्राजक सुमित कुकरेती और लेखराज ने संयुक्त रूप से किया।
