बदायूं, संवाददाता।
जनपदबदायूं के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम से श्रद्धा और भक्ति के बीच भव्य नारियल विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा छछऊ धाम से कछला गंगा घाट पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ 21 हजार एक नारियलों का विसर्जन किया गया। इस दौरान माता काली के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिला।
नारियल विसर्जन यात्रा के दौरान माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम के महंत मुकेश पुजारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आयोजन के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नारियल विसर्जन की परंपरा माता काली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास से जुड़ी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल को पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं, संकल्पों और माता रानी के प्रति श्रद्धा भाव के साथ इस परंपरा का निर्वहन करते हैं।
माता काली के जयकारों से गूंजा वातावरण
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। माता काली के जयकारों के बीच श्रद्धालु कछला गंगा घाट के लिए रवाना हुए। पूरे आयोजन में भक्ति और धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा माता रानी के प्रति समर्पण, विश्वास और आस्था की अभिव्यक्ति बनी।
सनातन संस्कृति और परंपराओं का संदेश
महंत मुकेश पुजारी ने धार्मिक आयोजन के महत्व को बताते हुए सनातन संस्कृति और प्राचीन धार्मिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। ऐसे आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। नारियल विसर्जन यात्रा ने श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया।
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा पुलिस बल
यात्रा के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कछला गंगा घाट पर 21 हजार एक नारियलों के विसर्जन के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम की यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था का प्रतीक बनी।
