नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं के दातागंज में दो अधिकारियों के हत्याकांड के बाद जनपद में कानून राज स्थापित करने को शासन ने तेज तर्रार एसएसपी अंकिता शर्मा को बदायूं की कमान दी गई। एसएसपी अंकिता शर्मा के बदायूं आने के बाद अपराध पर लगाम तो लगी है लेकिन चंद पुलिस अफसरों के संरक्षण के चलते बदायूं शहर सहित जिले में सटोरिया, जुआरियों सहित आईपीएल सट्टा जैसा अपराध नहीं रूक सका है। चंद अफसरों का संरक्षण है जिसकी वजह से हिस्ट्रीशीटर मैहराज और उसके सहयोगी सहित गैंग बनाकर आईपीएल सट्टा करा रहे हैं। जिसके शिकार होकर परिवार बर्वाद हो रहे हैं। अब शहर के एक परिवार ने मुख्यमंत्री स्तर पर शिकायत कर सटोरियों और हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई की मांग की है।
बदायूं शहर के मोहल्ला मीरा सराय निवासी गुड्डू पुत्र हरप्रसाद, कछला नगर पंचायत निवासी अमित कुमार पुत्र रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन मुख्यमंत्री स्तर पर शिकायत की है। हिस्ट्रीशीटर मेहराज चौधरी व उसका साला सधीर चौधरी पर बदायूं शहर में गैंग बनाकर आईपीएल सट्टा कराने व स्मैक जुआ का अड्डा चलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। मुख्यमंत्री स्तर के अलावा एसएसपी से भी शिकायत की है। जिसमें साफ-साफ आरोप लगाया है। शिकायत पत्र में कहा कि मैहराज चौधरी शहर के मोहल्ला घंटाघर के पास राजकीय डिग्री कालेज के सामने वाली गली थाना कोतवाली सदर क्षेत्र का रहने वाला है। आरोप है कि मैहराज चौधरी अपने साले सधीर चौधरी के साथ बदायूं शहर में गैंग बनाकर सट्टा व जुऐ का बड़ा कारोबार करता है। आरोप लगाया है कि जुआ का अड्डा चलाता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि गैंग का संपर्क कुछ पुलिस कर्मियों से है। कई बार शिकायत कर घर पर पुलिस भेजी गई लेकिन सांठगांठ रखने वाले पुलिस कर्मी पहले ही सूचना दे देते हैं इसीलिए वह भागने में सफल रहता है। दोनों परिवारों का कहना है कि सट्टा, जुआ और आईपीएल से शहर के सैकड़ों परिवार बर्वाद हो रहे हैं। मगर पुलिस शिकंजा कसने को तैयार नहीं है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक पीड़ितों ने कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस संग सत्ता के नेताओं तक जुड़े हैं तार
शिकायत में हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों को लेकर इतिहास की लंबी कहानी है। आरोप है कि मेहराज चौधरी का जिले भर के अपराधियों से आना-जाना रहता है। उसके साला सधीर चौधरी का अपराधियों के साथ-साथ पुलिस के कुछ अफसरों के पास बैठना और खानापीना है। यहां तक कि महीने का भी ध्यान रखता है। सधीर चौधरी का सत्ता के नेताओं का सहारा है। सत्ता के नेताओं के सहारे ही पुलिस से बैकअप ले रहा है। इसीलिए सट्टा फलफूल रहा है।
स्मैक तस्करी में जा चुका है जेल
सदर कोतवाली में मेहराज चौधरी हिस्ट्रीशीटर है तथा गैंगस्टर भी ल ग चुकी है। मेहराज चौधरी का आपराधिक इतिहास लंबा है। वर्ष 2017 में मेहराज चौधरी को थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक की पुड़िया समेत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मेहराज को जेल भी भेजा था लग भग छह महीने जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद मेहराज फिर से सट्टा, जुआ, आईपीएव कराने लगा है।
पुलिस पर नजर रखते सटोरियों को कैमरा
पुलिस हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों पर क्या शिकंजा कसेगी और क्या कार्रवाई में कामयाबी मिल पायेगी। क्योंकि हिस्ट्रीशीटर व सटोरिया पुलिस से ज्यादा चालाक हैं। शिकायत में आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों ने गली से लेकर घर तक कैमरे लगा रखे हैं। जब भी पुलिस यहां पहुंचती है तो वह गली में लगे कैमरों में पुलिस की गतिविधियों को देखकर घर से भाग जाता है। लोगों ने गली से लेकर घर तक लगे कैमरों की जांच करने और उसे हटाने की मांग की है।
अधिकारी की सुनिए::::
बदायूं की एसएसतपी अंकिता शर्मा का बदायूं शहर में आईपीएल सट्टा जैसे आपराधिक घटनाओं को लेकर कहना है कि अपराध किसी भी प्रकार का है और अपराधि कोई भी हो कार्रवाई से नहीं बच सकता। जुंआ, सट्टा और आईपीएल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर ऐसा हो रहा है तो निश्चित कार्रवाई की जायेगी।

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