नया बदायूं, संवाददाता।
जनपद बदायूं में सामुदायिक शौचालय विवाद में महिलाओं ने शिकायत करनी शुरू कर दी हैं। पीड़ित महिलाओं को बंधक बनाने और 72 हजार मानदेय रोकने के मामले में में सीडीओ को ज्ञापन दिया गया है। जिस पर सीडीओ की ओर से आश्वासन मिला है, सीडीओ ने कार्रवाई के आदेश दिये हैं और दो सप्ताह में समस्या निस्तारण का अफसरों को अल्टीमेटम दे दिया है।
जनपद बदायूं के आसफपुर ब्लॉक में सामुदायिक शौचालयों पर तैनात महिला केयरटेकरों के उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ब्लॉक अधिकारियों की कथित तानाशाही, रिश्वतखोरी और महिलाओं को कमरे में बंधक बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने के आरोपों के बाद अब यह मामला जिला मुख्यालय पहुंच गया है। मंगलवार को सहमी और प्रताड़ित महिलाएं केयरटेकरों ने सीडीओ गामिनी सिंगला से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। महिलाओं की गंभीर शिकायतों को देखते हुए सीडीओ ने संवेदनशीलता दिखाई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। ब्लॉक स्तर पर प्रताड़ना झेल रही महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए सीडीओ ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप सभी लोग बिना किसी डर के आराम से अपनी-अपनी नौकरियों पर काम करें। यदि भविष्य में कोई भी परेशानी या जरूरत पड़े, तो सीधे मुझे बताएं। दो हफ्ते के अंदर-अंदर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। मुलाकात के दौरान ग्राम बींधा नंगला की केयरटेकर पिंकी ने रोते हुए प्रशासन के सामने भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। पिंकी ने बताया कि उसका 72 हजार का मानदेय जबरन रोका गया है। इस दौरान पिंकी ने एक बेहद मजबूत और चौंकाने वाला दस्तावेज सीडीओ के सामने पेश किया। ग्रामीणों के इतने बड़े लिखित समर्थन के बावजूद, ब्लॉक के अधिकारी सिर्फ और सिर्फ कमीशनखोरी और निजी रंजिश के चलते स्वयं सहायता समूह (SHG) के साथ मिलकर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं।
जांच के घेरे में एडीओ आईएसबी
पीड़ित महिलाओं का सीधा और गंभीर आरोप है कि आसफपुर ब्लॉक के एडीओ आईएसबी और ब्लॉक मिशन मैनेजर अरुण द्वारा मानदेय जारी करने के एवज में मोटी रिश्वत की मांग की जा रही है। यही नहीं, पिछले दिनों महिलाओं को धोखे से ब्लॉक मुख्यालय बुलाकर एक कमरे में बंधक बनाने और अज्ञात कागजातों पर जबरन दस्तखत कराने की घटना से पूरी तहसील में आक्रोश है। अब ये दोनों अधिकारी सीधे तौर पर जांच के घेरे में हैं।

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