नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जनपद इकाई ने मार्च और अप्रैल का मानदेय न मिलने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन पदाधिकारी और कर्मचारियों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि 21 में के बाद नो पे नो वर्क के आधार पर आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के नाम का सौंपा ज्ञापन
बदायूं में शुक्रवार को डॉ देवदत्त शर्मा जिलाध्यक्ष मजदूर संघ के संरक्षण में जिलाध्यक्ष एनएचएम कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी के नेतृत्व में लगभग 200 डॉक्टर कर्मचारियों ने सीएमओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ने बताया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र सौंपकर 20 मई तक दो महीने का लंबित मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर कर्मचारियों ने 21 मई से ‘नो पे-नो वर्क’ नीति के तहत कार्य बहिष्कार और हड़ताल पर जाने का एलान किया है।
आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष एनएचएम कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी ने बताया कि दो महीने से मानदेय न मिलने के कारण संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में बच्चों की फीस, किताबें और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना कर्मचारियों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।
प्रदेश भर के कर्मचारियों में आक्रोश
विभाग की इस अनदेखी से प्रदेश भर के स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी असंतोष है।स्वास्थ्य सेवाएं 21 मई से ठप हो सकती हैं उन्होंने ने साफ किया है कि यदि 20 मई तक सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों के बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर जनपद के समस्त संविदा कर्मचारी 21 मई से पूरी तरह कार्य बंद कर देंगे।
यह कर्मचारी रहे मौजूद
ज्ञापन देने के इस अवसर पर लता चौहान, सर्वेंद्र यादव, पूजा, रिचा, सान्या यादव, मुकेश कुमार, रजत कुमार, संजय कुमार, प्रीति जेम्स, मोनिका, शिखा सिंह, शिवानी शर्मा, डॉ. शिराज अंसारी, मनीषा सैनी, अनामिका सक्सेना शालू तोमर, विजय लक्ष्मी, कृष्णा, नावद अहमद, नाजिम सईद, डॉ. वीरेंद्र कुमार, मन्सूर खान, रविंद्र कुमार जोशी, गौरव यादव (जिला मीडिया प्रभारी, नीरज यादव आदि डॉक्टर, कर्मचारी मौजूद रहे।

Discussion about this post