नया बदायूं, संवाददाता।
सदर तहसील के गांवव खुनक के प्रगतिशील किसान अब्बास अली के प्रक्षेत्र पर फील्ड डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. फैज मोहसिन, हेड कृषि विज्ञान केंद्र उझानी एवं अध्यक्षता आरएस वर्मा, अपर जिला सहकारी अधिकारी बदायूं ने की। कार्यक्रम में खुनाक, मिघौनिया, चन्दननगर, खरेर के 80 किसानों ने भाग लिया।
डॉ रोशन ने किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जान कारी दी एवं किसानों को रासायनिक उर्वरकों का समझदारी से प्रयोग करने का सुझाव दिया। जितेंद्र कुमार क्षेत्रीय प्रबंधक इफको ने जनपद के किसानों का रासयनिक उर्वरकों की खपत कम कर नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का इस्तेमाल बढ़ाने को किसानों को इफओ के विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30-60 दिन की मक्का की फसल में इफको की नैनो यूरिया 500 मिली, इफको सागारिका-500 मिली एवं नैनो जिंक 100 मिली का प्रतिएकड़ की दर से सम्मिलित इस्तेमाल करने से दानेदार यूरिया की खपत को कम किया जा सकता है। मिट्टी पर रासायनिक यूरिया के पड़ रहे दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है और फसल भी स्वस्थ होती है। जायद की फसलों जैसे मक्का,मेंथा एवं मूंगफली की फसल में यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागारिका अधिक कारगर है। राहुल सिंह चौहान ने जायद की फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन पर चर्चा की। अनिल कुमार, एसएफ बदायूं ने इफको के स्पेशिलिटी उद्पादों की जानकारी दी एवं कार्यक्रम के अतं में किसानों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में राजेश कुमार सक्सेना, सचिव खुनक बी पैक्स एवं राजीव सक्सेना सचिव मलगांव खुनक बी पैक्स, आकाश प्रभारी ई बाजार मलगांव एवं श्रि राकेश गुप्ता सचिव, नवादा औद्यानिक सचिव सहित प्रोग्रेसिव किसान अब्बास अली, मुस्लिम अली, मुनीफ एवं प्रेमपाल सहित 80 किसानों ने चर्चा की।
किसान ने साझा किया अनुभव
प्रगतिशील किसान अब्बास अली एवं मुस्लिम अली ने कार्यक्रम में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के अपने अनुभव को साझा किया। उक्त प्रगतिशील किसानों के खेतों पर मक्का की फसल में आधुनिक तकनीक से विकसित इफको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागारिका के प्रयोग एवं कम यूरिया डीएपी डालकर अच्छी फसल उगायी है, जिसका किसानों को मौके पर अवलोकन काराया गया।

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