• Login
No Result
View All Result
  • Home
    • Home – Layout 1
    • Home – Layout 2
    • Home – Layout 3
    • Home – Layout 4
    • Home – Layout 5
  • अपराध
  • उत्तर प्रदेश
  • Home
    • Home – Layout 1
    • Home – Layout 2
    • Home – Layout 3
    • Home – Layout 4
    • Home – Layout 5
  • अपराध
  • उत्तर प्रदेश
No Result
View All Result
No Result
View All Result

कलंककथा : प्रधान और सचिव ने बेंची सरकारी योजनाएं, दिव्यांग भी नहीं छोड़े

Naya Badaun by Naya Badaun
May 7, 2026
कलंककथा : प्रधान और सचिव ने बेंची सरकारी योजनाएं, दिव्यांग भी नहीं छोड़े
ShareShareShare

नया बदायूं, संवाददाता।
जनपद बदायूं के उसावा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिजोला में सरकारी आवास योजना के तहत लाभार्थियों से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई लोगों से आवास के नाम पर पैसे लिए गए हैं। जिसमें रिश्वतेखोरी के जो लोग शिकार हुए उनके तो आवास स्वीकृत करा दिये गये हैं। गरीब, परेशान, अपाहिज आदि लोग मजबूरी में रिश्वत नहीं दे सके तो वह आज भी रिश्वत के लिए भटक रहे हैं। अफसर उनके साथ टालमटोल कर रहे हैं। प्रधान-सचिव मिलकर तमाम लोगों से पहली किश्त और दूसरी किस्त की रिश्वत ले चुके हैं लेकिन किसी की पहली तो किसी की दूसरी किश्त नहीं आ सकी है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) उसावा से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी, जिसके बाद ही कार्रवाई की जायेगी।

उसावां ब्लाक के रिजोला में सरकारी सिस्टम की एक कलंक कथा सामने आई है। यहां रिजोला निवासी रामप्यारी नामक एक महिला ने बताया कि उन्हें सरकारी आवास की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये रुपये मिले थे। आरोप है कि सचिव और प्रधान ने उनसे 20 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने यह राशि मकान की नींव भरने में लगा दी थी, लेकिन बाद में उन्हें 20,000 रुपये देने पड़े। रामप्यारी के अनुसार, बाद में उनसे फिर पैसे की मांग की गई, जिसके लिए उन्हें अपने घर के जेवरात गिरवी रखने पड़े ताकि दूसरी किस्त के नाम पर पैसे दिए जा सकें। हालांकि, बाद में सचिव ने उन्हें सूचित किया कि उनका खाता होल्ड कर दिया गया है और उन्हें किसी प्रकार का कोई पैसा नहीं मिलेगा। विधवा रामप्यारी का कहना है कि उनका अपना कोई घर नहीं है और उनके बच्चों ने अलग घर बना रखे हैं। उन्होंने पहली किस्त से घर की नींव भरी थी, लेकिन दूसरी किस्त नहीं आई। उन्होंने न्याय के लिए कई बार कोर्ट के चक्कर भी काटे, पर कोई समाधान नहीं मिला।

प्रधान सचिव ने वसूले दस-दस हजार रुपये
इसी कड़ी में, रिजोला निवासी राम रईस वाल्मीकि ने भी आरोप लगाया कि उनसे आवास के नाम पर 20 हजार रुपये लिए गए। रिजोला के ही ऋषभ ने बताया कि उनके माता-पिता का निधन हो चुका है और उन्हें आवास मिला था। पहली किस्त आने पर प्रधान ने उनसे 10 हजार रुपये लिए, लेकिन अभी तक उनकी दूसरी किस्त नहीं मिली है।

बरसात में खुले आसमान के नीचे दिव्यांग
उसी ग्राम पंचायत के नगरिया दुकानी गांव निवासी रामनाथ पुत्र अर्जुन, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने बताया कि उनका 1,20,000 रुपये का आवास स्वीकृत हुआ था। पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये आए थे, जिसमें से प्रधान और सचिव ने उनसे 30,000 रुपये ले लिए। उनकी दूसरी किस्त भी अभी तक नहीं पड़ी है। बेसहारा रामनाथ का कहना है कि उन्होंने जैसे-तैसे मकान की दीवारें तो उठवा ली हैं, लेकिन छत डालने के लिए पैसे नहीं हैं और अब उनसे और पैसे की मांग की जा रही है।

Previous Post

जनगणना को स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू, 21 मई तक का मौका

Next Post

प्रतियोगिता में अव्वल छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

Discussion about this post

विज्ञापन

नया बदायूं

Follow Us

  • About
  • Shop
  • Forum
  • Contact

Copyright © 2012 - 2017, JNews - Premium WordPress news & magazine Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home 1
  • Home 10
  • Home 2
  • Home 3
  • Home 4
  • Home 5
  • Home 6
  • Home Business
  • Home Crypto
  • Home Food
  • Home Health
  • Home Sports
  • Home Technology
  • Home Travel
  • Our news portal is very efficient for writing news
  • Personal Blog
  • Post Grid
  • Post Grid 2
  • Post Grid 3
  • Post Grid 4
  • Vertical Grid Post
  • Vertical Post Slider
  • home
  • Our Clients
  • About Us
  • Products
  • Services
  • Contact Us

Copyright © 2012 - 2017, JNews - Premium WordPress news & magazine Jegtheme.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
Go to mobile version