नया बदायूं ब्यूरो बरेली।
उत्तर प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और बरेली की भमोरा पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 11 किलो अफीम बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 9 लाख रुपये आंकी गई है।
चेकिंग के दौरान रम्पुरा अंडरपास पर दबोचे गए तस्कर
पुलिस को सोमवार, 5 जनवरी की तड़के सटीक सूचना मिली थी कि झारखंड से अफीम की एक बड़ी खेप बरेली के अलीगंज क्षेत्र में सप्लाई के लिए लाई जा रही है। सूचना पर सक्रिय हुई ANTF और भमोरा पुलिस ने रम्पुरा अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध काले रंग की आई-20 कार को रोका गया। सघन तलाशी के दौरान पुलिस तब हैरान रह गई जब कार के बोनट के भीतर छिपाकर रखी गई 11 किलो अफीम बरामद हुई।
झारखंड के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए तस्करों की पहचान झारखंड निवासी कंडे मुंडा जिला खूंटी और बल्का जिला रांची के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से कार के अलावा दो मोबाइल फोन और 9,200 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। हालांकि, इनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
दुर्गम इलाकों में खेती और यूपी में सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे झारखंड के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में अवैध रूप से अफीम की खेती करवाते हैं। वहां से कम दामों में अफीम जुटाकर वे उत्तर प्रदेश के बरेली और अन्य जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क, स्थानीय खरीदारों और मददगारों की कुंडली खंगाल रही है।
कड़ी कार्रवाई का निर्देश
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आरोपियों के खिलाफ भमोरा थाने में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में भमोरा थानाध्यक्ष सनी चौधरी और ANTF बरेली की टीम की मुख्य भूमिका रही।

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