बदायूं संवाददाता। पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर शनिवार को बदायूं जनपद के कछला गंगा घाट सहित विभिन्न तटों पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का रेला गंगा तटों पर जुटने लगा, जिससे पूरा वातावरण हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
आसपास के जनपदों से कछला पहुंचे श्रद्धालु।
कछला गंगा घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए न केवल स्थानीय लोग, बल्कि पड़ोसी जनपदों जैसे कासगंज, एटा, अलीगढ़, आगरा, मथुरा और हाथरस से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इतना ही नहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से भी लोग निजी वाहनों, बसों और ट्रेनों के माध्यम से माँ गंगा के दर्शन करने आए। श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माँ गंगा को प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुरक्षा के लिए गए पुख्ता इंतजाम।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए घाटों पर निम्नलिखित इंतजाम किए गए।
मजिस्ट्रेट की तैनाती: कछला घाट पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन-तीन मजिस्ट्रेट अधिकारियों को तैनात किया गया है।
जल सुरक्षा: किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पीएसी के जवानों के साथ-साथ कुशल गोताखोरों की टीम लगातार जल क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
भीड़ नियंत्रण: भारी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं।
पूर्णिमा पर किया गया जमकर पुण्य दान
गंगा स्नान के साथ ही घाटों पर दान-पुण्य का दौर भी चलता रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान देकर पुण्य लाभ कमाया। पौष पूर्णिमा के इस स्नान के साथ ही माघ मेले की शुरुआत का संकेत भी मिलता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

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