बदायूं संवाददाता।
भारतीय साहित्य और लेखन जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में साहित्यकार एवं लेखक डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘सक्सेस स्टोरी’ के नवीनतम अंक के मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से प्रकाशित इस प्रतिष्ठित पत्रिका ने उनके साहित्यिक योगदान और लेखन शैली को प्रमुखता देकर सम्मानित किया है। इसे डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह की साहित्यिक यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पत्रिका के विशेष अंक में डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह के साहित्यिक योगदान, उनकी चर्चित पुस्तकों और लेखन शैली पर विस्तृत लेख प्रकाशित किया गया है। इसमें उनकी प्रमुख कृतियों ‘भारतीय महिलाएं सुरक्षा एवं रोजगार’, ‘प्रभावशाली महिलाएं’, ‘भारतीय महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता एवं सामाजिक विकास’ तथा ‘भारतीय महिलाएं शिक्षा एवं स्वास्थ्य’ का उल्लेख किया गया है। इन कृतियों के माध्यम से उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास और राजनीतिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपने लेखन में स्थान दिया है।
पत्रिका में डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह को समकालीन साहित्य की सशक्त और प्रभावशाली आवाज के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनके लेखन में सामाजिक सरोकारों और महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता मिलने से उनकी साहित्यिक पहचान को नई दिशा मिली है।
सम्मान से बढ़ी जिम्मेदारी
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि एक लेखक के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव है। यह सम्मान उनकी लेखनी की जिम्मेदारी को और बढ़ाता है। उन्होंने अपने पाठकों, शुभचिंतकों और उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके स्नेह और प्रोत्साहन से उन्हें निरंतर साहित्य सृजन की प्रेरणा मिलती रही है।
डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह की इस उपलब्धि पर देश-विदेश के साहित्यकारों, प्रकाशकों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उनकी इस पहचान को साहित्य जगत में उनके निरंतर प्रयासों और लेखन के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जा रहा है।
पहले भी मिल चुका है सम्मान
गौरतलब है कि डॉ. त्रिवेंद्र कुमार सिंह लंबे समय से साहित्य सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सामाजिक विषयों पर केंद्रित उनकी रचनाएं उनके साहित्यिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इससे पहले भी उन्हें ‘स्वामी विवेकानंद राष्ट्र गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर स्थान मिलना उनकी साहित्यिक यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।

Discussion about this post