बदायूं, संवाददाता।
बिल्सी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की रोगी कल्याण समिति के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 4.90 लाख रुपये के भुगतान को लेकर मिली शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। बिल्सी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अनिल गुप्ता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और रोगी कल्याण समिति का बजट गलत जगह खपाने का भी आरोप लगा है फिलहाल इस मामले में अब सीएमओ ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को जारी संशोधित कार्यालय आदेश में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। चर्चा है कि स्वास्थ्य विभाग पिछले काफी दिनों से इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा था सीएमओ भी गंभीरता नहीं दिखा रहे थे शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आया तो कार्रवाई करना मजबूरी रही है और मजबूरन जांच उठाई गई।
शिकायत के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्सी के रोगी कल्याण समिति के बैंक खाते से 24 अगस्त 2026 को चेक संख्या 136731 के माध्यम से 4 लाख 90 हजार रुपये अधिष्ठारा ट्रस्ट (Adhikardhara Trust) के पक्ष में भुगतान/अंतरण किया गया था। इस भुगतान को लेकर 7 अक्टूबर 2026 के शिकायती पत्र और संबंधित बैंक अभिलेखों के आधार पर मामला सामने आया।
शिकायत में चेक चोरी होने और पूर्व हस्ताक्षरित चेक के कथित दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही भुगतान के समर्थन में बिल, वाउचर और नियमानुसार लेखांकन अभिलेख उपलब्ध न होने की भी शिकायत की गई है। मामले को सरकारी धन की सुरक्षा और वित्तीय अभिलेखों की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
चार सदस्यीय जांच समिति गठित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के आदेश के अनुसार गठित समिति में डॉ. राजवीर गंगवार, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, आरसीएचओ को अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. सनोज मिश्रा, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, अनिल मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम और आशीष बहादुर, जिला लेखा प्रबंधक एनएचएम को सदस्य नामित किया गया है।
बैंक और भुगतान संबंधी अभिलेखों की होगी जांच
जांच समिति को रोगी कल्याण समिति के खाते से किए गए 4.90 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति चेक की प्राप्ति, अभिरक्षा, उपलब्धता, कथित चोरी, पूर्व हस्ताक्षर और उसके उपयोग से संबंधित परिस्थितियों की जांच करेगी। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के लिखित बयान भी लिए जाएंगे।
इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट, मूल चेक या उसकी प्रति, भुगतान से जुड़े बैंक अभिलेख, चेक प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति का विवरण और उपलब्ध बैंक सत्यापन अभिलेखों की पड़ताल की जाएगी। भुगतान से संबंधित रोगी कल्याण समिति की बैठक की कार्यवाही, स्वीकृति, भुगतान आदेश, बिल-वाउचर, कैशबुक, लेजर और अन्य लेखांकन दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा।
क्या कहते हैं अधिकारी सुनिए
बिल्सी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सीएमओ डॉ विकास शर्मा का कहना है कि मामला अभी संज्ञान में आया है इसलिए जांच कमेटी गठित कर दी जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी अगर भ्रष्टाचार किया गया है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी किसी को भ्रष्टाचार के मामले में बक्सा नहीं जाएगा।

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