बदायूं, संवाददाता।Nayabadaun
जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 56,425 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों के साथ प्री-लिटिगेशन के मामले शामिल रहे। विभिन्न मामलों में करीब 5.40 करोड़ रुपये की धनराशि वसूल की गई।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रिन्कू ने जनपद न्यायालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए शुभारंभ किया।
102 पारिवारिक विवादों का निस्तारण
लोक अदालत में कुटुंब न्यायालयों द्वारा आपसी समझौते के आधार पर 102 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 86 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 5.20 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति दिलाई। उपभोक्ता फोरम ने चार मामलों में 19.46 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई, जबकि स्थायी लोक अदालत में दो मामलों का निस्तारण हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से करीब 1,954 मामलों का निस्तारण किया गया।
46,617 मामलों का निस्तारण
प्री-लिटिगेशन मामलों में विद्युत विभाग के 1,159, राजस्व के 395, स्थानीय निकाय के 870 तथा विभिन्न बैंकों सहित अन्य मामलों को मिलाकर करीब 46,617 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल मामलों में करीब 7,854 वाद निस्तारित किए गए।
तमाम तरह के वादों का निस्तारण
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित रस्तोगी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से आपराधिक शमनीय वाद, एनआई एक्ट की धारा 138, मोटर दुर्घटना, वैवाहिक विवाद, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किरायेदारी, ट्रैफिक चालान, राजस्व और विद्युत बिल से जुड़े मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है। उन्होंने लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, पराविधिक स्वयंसेवकों और बैंक अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार जताया।

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