नया बदायूं, संवाददाता।
पूर्व मंत्री आबिद रजा ने प्रेस के माध्यम से बयान जारी करते हुए जौहर विश्वविद्यालय पर रामपुर प्रशासन द्वारा बुलडोज़र चलाने के आदेश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह कदम सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है।
आबिद रजा ने कहा कि देश की आज़ादी के बाद से ही हर सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा दिया है और शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने का काम किया है। ऐसे में किसी भी शिक्षा संस्थान को तोड़ने की कार्रवाई देशहित में नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार जौहर विश्वविद्यालय को किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से देख रही है या इसे किसी व्यक्ति विशेष, जैसे आजम खान, के विरोध से जोड़ रही है, तो यह पूरी तरह गलत है। जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण समाज के हर वर्ग—हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—के लोगों के सहयोग और चंदे से हुआ है।
आबिद रजा ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और यदि इस पर कोई कार्रवाई होती है तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा के बिना देश का विकास संभव नहीं है और युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोज़र चलाने का मतलब शिक्षा के मंदिर पर बुलडोज़र चलाना है, जो प्रदेश और देश दोनों के हित में नहीं है।
अंत में उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की कि छात्रहित और नौजवानों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए रामपुर प्रशासन को तत्काल ऐसे किसी भी आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए जाएं, ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।

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