नया बदायूं, संवाददाता।
जनपद के इस्लामनगर कस्बे के मोहाली क्षेत्र में संचालित एसजे हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। यह कार्रवाई छह जुलाई को प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में की गई है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। सीएमओ डॉ विकास शर्मा के आदेश पर टीम ने अस्पताल सील किया है। मुकदमा दर्ज की कार्रवाई भी की जाएगी।

मामले के अनुसार, गांव महरौला निवासी धर्मपाल ने बताया कि उनकी पत्नी अनीता को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिस पर आशा कार्यकर्ता की मदद से उन्हें एसजे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ की उचित व्यवस्था। प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई। इतना ही नहीं, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर मनमानी रकम वसूलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर सही उपचार नहीं दिया गया और जब प्रसूता की हालत गंभीर हो गई, तब उसे आनन-फानन में दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
टीम का मिलीं अनियमितताएं
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई। डिप्टी सीएमओ डॉ. नवनीत, डॉ. सनोज मिश्रा, डीसीपीएम अरविंद राना तथा एमओआईसी इस्लामनगर डॉ. रोहित पटेल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अस्पताल के दस्तावेज, पंजीकरण और व्यवस्थाओं की जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
पंजीकरण संदिग्ध पर अस्पताल सील
जांच में प्राथमिक रूप से अस्पताल का पंजीकरण संदिग्ध पाया गया, साथ ही जरूरी चिकित्सा मानकों का पालन न किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल
इस घटना ने एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अस्पताल बिना वैध पंजीकरण और मानकों के संचालित हो रहे हैं, जिन पर समय रहते कार्रवाई नहीं हो पाती। अक्सर किसी गंभीर घटना या मौत के बाद ही विभाग सक्रिय होता है।
स्थानीय लोगों ने खोली जुबान
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से जांच करता, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। फिलहाल, परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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