नया बदायूं, संवाददाता।
जिले की सभी पांच तहसीलों में बड़ी संख्या में राजस्व वाद लंबित होने पर डीएम अवनीश राय ने नाराजगी जताई है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जनपद में कुल 12,768 राजस्व वाद लंबित हैं।
तहसील की समीक्षा
तहसीलवार स्थिति की समीक्षा में बदायूं तहसील में 3,649, बिसौली में 2,982, दातागंज में 2,506, बिल्सी में 1,863 और सहसवान में 1,768 राजस्व वाद लंबित पाए गए। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों के साथ वादों के निस्तारण की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए और पुराने मामलों में विशेष गंभीरता बरती जाए।
111 केस सबसे पुराने
समीक्षा में यह भी सामने आया कि एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम अवधि के 2,077 वाद, तीन वर्ष से अधिक अवधि के 248 वाद तथा पांच वर्ष से अधिक पुराने 111 वाद लंबित हैं। डीएम ने पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में लंबित राजस्व वादों की नियमित समीक्षा करें और उनके शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आगामी समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।
डीएम ने राजस्व संहिता की धारा 116, 24 और 34 के तहत लंबित वादों की भी समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को इन धाराओं से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि पुराने राजस्व वादों के लंबित रहने से संबंधित पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए अधिकारी मामलों के निस्तारण में प्राथमिकता और गंभीरता के साथ कार्य करें। समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
