नया बदायूं, संवाददाता। लखनऊ ब्योरो कार्यालय
उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एक फरवरी से रजिस्ट्री कार्यालयों पर लगने वाली भीड़ छट सकती है। जमीन की खरीद-फरोख्त में अब धोखाधड़ी और भू-माफियाओं के खेल पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी। पारदर्शिता लाने के लिए निबंधन विभाग एक फरवरी से आधार सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था लागू करने जा रहा है। अब रजिस्ट्री के समय खरीदार और विक्रेता के साथ-साथ गवाहों के आधार नंबर का भी मौके पर ही सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही वायोमैट्रिक मशीन से आधार केवाईसी की जायेगी। तभी रजिस्ट्ररी हो सकेगी।
आधार ईकेवाईसी को लगाई जा रही मशीनें
उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों व तहसीलों के रजिस्ट्री कार्यालय में एक फरवरी से लागू होने वाली नई व्यवस्था को लेकर तैयारियां चली हैं। इसके लिए जिले के सभी उप-निबंधक कार्यालयों को बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। निबंधन विभाग के पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। जैसे ही पक्षकार बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे, दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से तत्काल उनकी पहचान की पुष्टि हो जाएगी। पहचान सही पाए जाने पर ही साफ्टवेयर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। अभी तक केवल आधार की फोटोकापी से काम चल जाता था, जिससे फर्जी आधार कार्ड के जरिए दूसरे की जमीन बेचने की आशंका बनी रहती थी।
जनपद बदायूं में रोजाना होती हैं 150 रजिस्ट्रियां
बदायूं, दातागंज, बिसौली और सहसवान सहित सभी रजिस्ट्री कार्यालयों पर रोजाना करीब 150 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं। बदायूं रजिस्ट्री कार्यालय के दोनों खंड में ही 80 से 100 रजिस्ट्रियां रोजाना होती हैं। इनमें अब इस नई तकनीक से फर्जीवाड़े की गुंजाइश शून्य हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि स्टाफ को इस नई प्रणाली के संचालन की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। नई व्यवस्था में केवल फिंगरप्रिंट ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के अन्य मानकों को भी जोड़ा गया है। यदि किसी बुजुर्ग या शारीरिक श्रम करने वाले व्यक्ति की उंगलियों के निशान घिस जाने के कारण मैच नहीं होते हैं, तो उनके लिए फेस आथेंटिकेशन चेहरा पहचान की सुविधा दी जाएगी।
बायोमीट्रिक से होगी असली पहचान
शासन से निर्देश जारी कर दिए हैं कि नई उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024 के तहत अब जमीन से जुड़े सभी पक्षों की पहचान बॉयोमीट्रिक तरीके से की जाएगी। इसमें अंगूठे के निशान और आधार डेटा का सीधा मिलान होगा।
आधार आधारित ई-हस्ताक्षर को मिलेगी मान्यता
अब रजिस्ट्री दस्तावेजों पर केवल आधार से जुड़े ई-हस्ताक्षर को ही कानूनी रूप से मान्य माना जाएगा। रजिस्ट्री से पहले सभी जानकारियां ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में दर्ज होंगी। रजिस्ट्री के दिन पक्षकारों और गवाहों के अंगूठे के निशान सीधे आधार डेटाबेस से मिलाए जाएंगे।
फर्जी गवाह और नकली पहचान अब बेकार
अब भू-माफिया या दलाल फर्जी गवाहों और नकली पहचान पत्रों के सहारे जमीन बेच नहीं पाएंगे। जब तक आधार आधारित सत्यापन पूरा नहीं होगा, तब तक रजिस्ट्री आगे नहीं बढ़ेगी। लंबे समय से रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में चल रहे फर्जीवाड़े को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
बदायूं के अधिकारी की सुनिए:::
बदायूं जनपद सदर के सब रजिस्टार उप निबंधक कार्यालय सैय्यद नदीम रजा का कहना है कि संपत्ति की रजिस्ट्री में अब किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा व शंका नहीं रहेगी। आधार के बिना एक फरवरी से रजिस्ट्री नहीं होगी। आधार से केवाईसी होगी उसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण होगी।
